5 लाख का सरकारी ऋण, हुनर से खड़ी कर दी कंपनी! बाराबंकी के प्रखर की सफलता ने बदली जिंदगी

रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।

हुनर को मिला अवसर, सपनों को मिली उड़ानः सीएम युवा ने आर्यन और प्रखर को बनाया सफल उद्यमी

बदल रहा बाराबंकी, आत्मनिर्भर बन रहा उत्तर प्रदेशः मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार और रोजगार सृजन का अवसर

दो युवाओं को मिले 5-5 लाख रुपये के ऋण, एक ने मधुमक्खी पालन को बनाया आधुनिक उद्यम तो दूसरे ने कंटेंट क्रिएशन एवं वीडियो एडिटिंग को बनाया सफलता की पहचान

सीएम युवा अभियान से मिला आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन, आज अपने हुनर के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रहे जिले के युवा

बाराबंकी, 01 सितम्बर 2026- उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना युवाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें नौकरी तलाशने वाले से रोजगारदाता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की आत्मनिर्भर युवा और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को धरातल पर साकार करते हुए योजना के माध्यम से युवाओं को अपने हुनर और विचारों को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिल रहा है। जनपद के आर्यन कुमार और प्रखर शुक्ला की सफलता की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है। दोनों युवाओं को योजना के तहत 5-5 लाख रुपये का ऋण मिला, जिसके माध्यम से उन्होंने अपनी रुचि और हुनर को सफल उद्यम का रूप दिया।

5 लाख रुपये के ऋण से आर्यन ने मधुमक्खी पालन को बनाया आधुनिक उद्यम

ग्राम दरावपुर निवासी आर्यन कुमार ने अपने पिता श्री राजेंद्र कुमार से मिले मधुमक्खी पालन के अनुभव को आधुनिक उद्यम का स्वरूप देने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत आवेदन करने पर उन्हें 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने मधुमक्खी पालन एवं शहद आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के व्यवसाय को आगे बढ़ाया।

आर्यन के उद्यम में हनी विनेगर, हनी जिंग, ड्राई फ्रूट्स विद हनी तथा गार्लिक विद हनी जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उनका प्रयास स्थानीय स्तर पर उत्पादित गुणवत्तापूर्ण शहद को बेहतर प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन के साथ बड़े बाजार तक पहुंचाना है। साथ ही स्थानीय मधुमक्खी पालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी वह कार्य कर रहे हैं।

आर्यन बताते हैं कि सीएम युवा योजना के तहत मिले 5 लाख रुपये के ऋण और मार्गदर्शन ने उनके उद्यम को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका लक्ष्य अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना है।

5 लाख रुपये के ऋण से प्रखर ने खड़ी की डिजिटल कंपनी

बाराबंकी निवासी प्रखर शुक्ला को बचपन से ही कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग में गहरी रुचि थी, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी बाधा थी। विभागीय कैंप के माध्यम से उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्हें भी 5 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। आर्थिक सहयोग मिलने के बाद उन्होंने तीन कंप्यूटर खरीदे और तीन लोगों को नियुक्त कर अपना व्यवसाय शुरू किया।

छोटे स्तर से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे विस्तार करता गया। प्रखर ने गुणवत्ता, रचनात्मकता और बेहतर सेवा को अपने व्यवसाय का आधार बनाया। आज उनकी कंपनी 40 से अधिक लोगों की कंपनी बन चुकी है और देश-विदेश के करीब 50 से अधिक क्लाइंट्स के साथ कंटेंट क्रिएशन एवं वीडियो एडिटिंग का कार्य कर रही है। उनकी सफलता बताती है कि डिजिटल क्षेत्र में रुचि रखने वाला युवा भी सरकारी सहयोग से अपने हुनर को सफल व्यवसाय में बदल सकता है।

अलग-अलग हुनर, एक योजना और आत्मनिर्भरता की एक मंजिल

आर्यन और प्रखर की सफलता की राह अलग-अलग क्षेत्रों से होकर गुजरती है, लेकिन दोनों की मंजिल एक है—आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन। आर्यन ने पारंपरिक मधुमक्खी पालन को आधुनिक मूल्य संवर्धित उत्पादों से जोड़ा, वहीं प्रखर ने अपनी रचनात्मक एवं डिजिटल प्रतिभा को कंपनी का रूप दिया। दोनों युवाओं को योजना के तहत मिले 5-5 लाख रुपये के ऋण ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया।

युवाओं को रोजगारदाता बनाने की दिशा में सरकार की पहल

मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना है कि प्रदेश का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। इसी सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नए उद्यमों की स्थापना और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित कर रहा है। योजना के माध्यम से युवाओं को आर्थिक सहयोग, मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उनके भीतर उद्यमिता की भावना को मजबूत किया जा रहा है।

आर्यन और प्रखर की कहानी केवल दो युवाओं की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बदलते बाराबंकी और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। सरकार की योजना से मिले अवसरों का लाभ उठाकर जिले के युवा अपने सपनों को व्यवसाय में बदल रहे हैं और स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर रहे हैं।

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