रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।

प्रदेश सरकार के फैसले से 90 से बढ़कर 125 रुपये प्रति कुंतल हुआ लाभांश, उचित दर विक्रेताओं ने मा0 मुख्यमंत्री जी का जताया आभार
बाराबंकी, 03 सितम्बर 2026। कभी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की चुनौतियों के बीच अपनी भूमिका निभाने वाले उचित दर विक्रेताओं के लिए अब तस्वीर बदल रही है। राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ उनके आर्थिक हितों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उचित दर विक्रेताओं के लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल किए जाने के निर्णय ने बाराबंकी के 1,380 कोटेदारों में नई खुशी और उत्साह का संचार किया है। सरकार के इस निर्णय को उचित दर विक्रेता अपनी मेहनत के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। इसी खुशी को व्यक्त करते हुए उचित दर विक्रेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को संबोधित आभार ज्ञापन सौंपा।
बढ़ा लाभांश, बढ़ा आर्थिक संबल

लाभांश में 35 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि सीधे उचित दर विक्रेताओं की आय से जुड़ी है। उदाहरण के तौर पर औसतन 100 कुंतल खाद्यान्न वितरित करने वाले विक्रेता को पहले लगभग 12,750 रुपये प्रतिमाह लाभांश प्राप्त होता था, जो अब बढ़कर लगभग 16,250 रुपये हो जाएगा। अर्थात समान मात्रा में खाद्यान्न वितरण पर लगभग 3,500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त लाभांश मिलेगा। जनपद के 1,380 उचित दर विक्रेताओं के लिए यह वृद्धि उनके परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में अतिरिक्त सहारा देने वाली है।
कोटेदारों ने कहा-सरकार ने हमारी मेहनत को दिया सम्मान
लाभांश वृद्धि से उत्साहित उचित दर विक्रेताओं ने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राशन वितरण का कार्य केवल खाद्यान्न बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है। सरकार द्वारा उनके आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है और वे भविष्य में भी पूरी जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
पारदर्शिता आई तो बदली व्यवस्था, बढ़ा विश्वास
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ई-पॉस आधारित राशन वितरण और सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी जैसी व्यवस्थाओं को लागू किया गया है। इससे खाद्यान्न की आपूर्ति से लेकर लाभार्थी तक वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हुई है। उचित दर विक्रेताओं का कहना है कि तकनीक आधारित व्यवस्था से न केवल वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है, बल्कि आमजन के बीच भी राशन वितरण व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
शासन की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी
बाराबंकी के 1,380 उचित दर विक्रेता गांवों और कस्बों में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सहित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विभिन्न व्यवस्थाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने में उचित दर विक्रेता शासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। लाभांश में वृद्धि से इस व्यवस्था की इस महत्वपूर्ण कड़ी को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकार के फैसले से व्यवस्था के साथ जुड़े हर पक्ष को लाभ
उचित दर विक्रेताओं का कहना है कि लाभांश में वृद्धि केवल उनकी आय बढ़ाने का निर्णय नहीं है, बल्कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को भी नई ऊर्जा मिलेगी। आर्थिक रूप से सशक्त विक्रेता अधिक उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे और पात्र लाभार्थियों तक समय से खाद्यान्न पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। इस तरह सरकार का यह निर्णय कोटेदार के आर्थिक हित, लाभार्थी के खाद्य अधिकार और राशन वितरण व्यवस्था की मजबूती—तीनों को जोड़ता है।
खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्रियों के प्रति भी जताया आभार
उचित दर विक्रेता प्रतिनिधिमंडल ने लाभांश वृद्धि के निर्णय के लिए माननीय कैबिनेट मंत्री (खाद्य एवं रसद) श्री मनोज पांडेय जी एवं माननीय राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र शर्मा जी के प्रयासों की भी सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार द्वारा उचित दर विक्रेताओं के हित में लिया गया यह निर्णय उनके लिए प्रोत्साहन और सम्मान दोनों का प्रतीक है।प्रतिनिधिमंडल में श्री विजय पाल गौतम, श्री सुरेन्द्र सिंह, श्री मुहम्मद कामिल, श्री वेद प्रकाश एवं श्री गोविन्द शरण बाजपेयी सहित जनपद के बड़ी संख्या में उचित दर विक्रेता उपस्थित रहे।















