नकटी डैम में पर्यटन और मत्स्य पालन को मिलेगा नया आयाम, रोजगार सृजन पर जोर

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड स्थित नकटी डैम को पर्यटन एवं आजीविका के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। उपायुक्त मनीष कुमार एवं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने नकटी डैम का निरीक्षण कर पर्यटन, मत्स्य पालन और आधारभूत संरचना के विकास की संभावनाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जलाशय की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्र में नौका विहार, केज कल्चर तथा अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। उपायुक्त ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से नकटी डैम का विकास होने पर पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी तैयार किए जा सकते हैं।

निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश

उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त ने जलाशय क्षेत्र में चल रहे सीढ़ी एवं शौचालय निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्य एजेंसी को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया।

केज कल्चर से बढ़ेगी आय

नकटी डैम में केज कल्चर के माध्यम से मछली पालन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को स्थानीय लाभुक समिति एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय कर केज कल्चर के विस्तार की संभावनाओं का आकलन करने और आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

प्रशासन का मानना है कि जलाशय आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने से मछली उत्पादन में वृद्धि के साथ ग्रामीण परिवारों की आय भी बढ़ाई जा सकती है।

पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती

नौका विहार, मत्स्य पालन और अन्य पर्यटन गतिविधियों को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि नकटी डैम का विकास स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ किया जाए, ताकि पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ का सीधा फायदा क्षेत्र के लोगों को मिल सके।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना तैयार कर नकटी डैम की पर्यटन एवं मत्स्य पालन संबंधी संभावनाओं को धरातल पर उतारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से नकटी डैम को पर्यटन, मत्स्य उत्पादन और रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

निरीक्षण के दौरान बंदगांव प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पर्यटन नोडल पदाधिकारी-सह-खेल पदाधिकारी, स्थानीय लाभुक समिति के सदस्य सहित संबंधित पदाधिकारी, कर्मी एवं अन्य उपस्थित रहे।

AnupSrivastav
Author: AnupSrivastav

State Prabhari, Jharkhand Zee Bharat News

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