कालपी: खबर का असर: यमुना में अवैध मछली शिकार पर प्रशासन सख्त, SDM ने चलाया सघन अभियान

 

कालपी: यमुना नदी में मत्स्य प्रजनन काल के दौरान कथित अवैध मत्स्य आखेट को लेकर पूर्व में प्रकाशित खबर का प्रशासन ने संज्ञान लिया है। खबर में यमुना क्षेत्र में प्रतिबंधित अवधि के दौरान मछलियों के शिकार को लेकर उठाए गए सवालों के बाद गुरुवार को उपजिलाधिकारी कालपी विनय कुमार मौर्य के नेतृत्व में राजस्व टीम ने यमुना के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया

उपजिलाधिकारी ने नायब तहसीलदारों एवं राजस्व कर्मचारियों के साथ यमुना के कई स्थानों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली गई तथा मत्स्य प्रजनन काल में मछलियों के शिकार से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया।

प्रजनन काल में शिकार पर रोकप्रशासन की ओर से ग्रामीणों को स्पष्ट किया गया कि मत्स्य प्रजनन काल में मछलियों का शिकारकिया जाए। यमुना में अवैध तरीके से मछली पकड़ने की गतिविधियों से दूर रहने की अपील भी की गई। अधिकारियों ने कहा कि मछलियों के प्रजनन काल में अनियंत्रित आखेट से मत्स्य संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है

 

अब सवाल—पहले निगरानी कहां थी?

यमुना क्षेत्र में अवैध मत्स्य आखेट को लेकर सवाल पहले भी उठते रहे हैं। यदि प्रतिबंधित अवधि में मछली पकड़ने पर रोक है तो फिर नदी क्षेत्र में निगरानी कितनी प्रभावी थी? क्या संबंधित विभाग की टीम नियमित रूप से यमुना के घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही थी? यदि कर रही थी तो अवैध शिकार की शिकायतें सामने कैसे आईं?

सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि क्या केवल जागरूकता अभियान से अवैध मत्स्य आखेट पर पूरी तरह रोक लग सकेगी या इसके लिए नियमित गश्त और मौके पर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी?

SDM ने दिए कार्रवाई के निर्देश

उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यमुना क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति मत्स्य प्रजनन काल में अवैध रूप से मछली पकड़ते पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाने के साथ आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी शामिल है।

ग्रामीणों से भी मांगा सहयोग

प्रशासन ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि यमुना क्षेत्र में अवैध मत्स्य आखेट होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। प्रशासन का कहना है कि सामूहिक सहयोग से ही अवैध मत्स्य आखेट पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

खबर के बाद प्रशासन की सक्रियता

यमुना में मत्स्य आखेट को लेकर पूर्व में प्रकाशित खबर में प्रतिबंधित अवधि के दौरान मछली पकड़ने को लेकर सवाल उठाए गए थे। अब प्रशासन द्वारा निरीक्षण अभियान चलाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि अभियान के दौरान कितने स्थानों का निरीक्षण किया गया और मौके पर कितनी कार्रवाई हुई, इसका विस्तृत विवरण प्रशासन की ओर से सामने आना बाकी है।

 

अब देखने वाली बात यह होगी कि निरीक्षण और निर्देशों के बाद यमुना में अवैध मत्स्य आखेट पर वास्तव में कितनी रोक लगती है और क्या संबंधित विभाग नियमित निगरानी व कार्रवाई को धरातल पर सुनिश्चित कर पाता है।

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Author: ShobhitPandey

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