बाराबंकी में खाद वितरण पर सख्ती, टैगिंग और अनियमितता पर होगी कठोर कार्रवाई

रिपोर्ट सुरेंद्र सिंह चौहान, जी भारत न्यूज़।

ईशान प्रताप सिंह ने कहा है कि किसानों को अनुदानित उर्वरक के साथ गैर अनुदानित उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में जनपद के थोक उर्वरक विक्रेताओं, कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी विक्रेता द्वारा अनुदानित खाद के साथ जिंक, सल्फर, पोटाश या अन्य गैर अनुदानित उत्पादों की अनिवार्य बिक्री स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन द्वारा इस प्रकार की टैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

डीएम ने निर्देश दिए कि सभी विकास खंडों में खाद की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने सभी विक्रेताओं को प्रतिष्ठानों पर स्टॉक एवं रेट बोर्ड प्रदर्शित करने तथा बिक्री पंजिका और स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक 15 दिन में उर्वरक बिक्री केंद्रों की रेंडम जांच कराई जाएगी। निरीक्षण के दौरान किसानों से सीधे फीडबैक भी लिया जाएगा। सहकारिता विभाग को सहकारी समितियों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सभी दुकानों पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, सीओ और विभागीय अधिकारियों के मोबाइल नंबर प्रदर्शित किए जाएं। निरीक्षण में किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के साथ-साथ पूर्व निरीक्षण करने वाले अधिकारी की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

डीएम ने चेतावनी दी कि खाद वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में एडीएम निरंकार सिंह, उप निदेशक कृषि धीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी राजित राम सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी, थोक उर्वरक विक्रेता एवं अन्य संबंधित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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