रक्षाबंधन प्रतियोगिता को लेकर स्कूलों में उत्साह, भारतीय डाक विभाग की पहल को प्राचार्यों का भरपूर समर्थन

जमशेदपुर:भारतीय डाक विभाग द्वारा रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और डाक सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान को शहर के प्रमुख विद्यालयों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में डाक विभाग की टीम ने सोमवार को शहर के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों का दौरा कर वहाँ के प्राचार्यों से मुलाकात की और विद्यालयों में ‘रक्षाबंधन प्रतियोगिता’ आयोजित करने का अनुरोध किया।

सबसे भावुक क्षण मोतीलाल नेहरू स्कूल में देखने को मिला, जहाँ प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता सिंह ने बताया कि उनका कोई सगा भाई नहीं है और पिछले 35 वर्षों से उन्होंने किसी की कलाई पर राखी नहीं बांधी है। भारतीय डाक विभाग की इस पहल से प्रेरित होकर उन्होंने इस बार पहली बार देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से राखी भेजने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि उनके कई पूर्व छात्र आज भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहे हैं, इसलिए यह अभियान उनके लिए और भी भावनात्मक और गर्व का विषय है।

वहीं गुलमोहर हाई स्कूल, टेल्को की प्राचार्या एवं CISCE जोनल कॉर्डिनेटर श्रीमती प्रीति सिन्हा ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों द्वारा स्वयं राखी बनाकर डाक के माध्यम से भेजना भाई-बहन के प्रेम और भारतीय परंपराओं को जीवंत रखने का एक सराहनीय प्रयास है। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ अपनी संस्कृति के प्रति जुड़ाव भी बढ़ेगा।

जे.एच. तारापोर स्कूल, धातकीडीह की प्रधानाचार्या श्रीमती लता शरत से भी शिष्टाचार मुलाकात की गई। इस दौरान विद्यालय में रक्षाबंधन प्रतियोगिता आयोजित करने का अनुरोध किया गया, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को त्योहारों के महत्व और भारतीय संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हिल टॉप स्कूल, टेल्को की प्राचार्या श्रीमती उमा तिवारी ने भी डाक विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने विशेष रूप से विद्यालय के दिव्यांग विद्यार्थियों द्वारा बनाई जाने वाली राखियों को इस अभियान से जोड़ने की बात कही और कहा कि इससे समाज के हर वर्ग तक प्रेम और अपनापन का संदेश पहुंचेगा।

इसी क्रम में दयानंद पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती अर्चना रेहाल ने भी इस अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज के डिजिटल दौर में, जब युवा पीढ़ी ऑनलाइन दुनिया तक सीमित होती जा रही है, ऐसे समय में भारतीय डाक विभाग का यह प्रयास बच्चों को पत्र और राखी के माध्यम से रिश्तों की मिठास और भावनाओं से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने खुशी जताई कि उनके विद्यालय के विद्यार्थी भी इस पावन अभियान का हिस्सा बनेंगे और प्रतियोगिता की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

भारतीय डाक विभाग का यह अभियान केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और डाक सेवाओं के महत्व से जोड़ना है। साथ ही, स्पीड पोस्ट के माध्यम से सीमा पर तैनात सैनिकों तक राखियां पहुंचाकर उन्हें यह संदेश देना है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। यह पहल विद्यार्थियों में रचनात्मकता, संस्कार और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी मजबूत करने का प्रयास है।

AnupSrivastav
Author: AnupSrivastav

State Prabhari, Jharkhand Zee Bharat News

Leave a Comment