1912 के हुकुमनामा पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, मंदिर भूमि विवाद में धार्मिक न्यास बोर्ड को सुनवाई का निर्देशu

जमशेदपुर: साकची स्थित श्री सत्यनारायण ठाकुरबाड़ी मंदिर की जमीन से जुड़े बहुचर्चित विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायालय ने रिट याचिका संख्या 3688/2020 का निपटारा करते हुए झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड को निर्देश दिया है कि यदि मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के संबंध में कोई याचिका दायर की जाती है, तो उस पर विधि सम्मत एवं शीघ्र सुनवाई कर उचित निर्णय लिया जाए।

याचिका में दावा किया गया था कि वर्ष 1912 के हुकुमनामा के तहत मंदिर की भूमि भगवान राधा-कृष्ण एवं भगवान शिव के नाम दान की गई थी, इसलिए इस भूमि का हस्तांतरण नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मंदिर की लगभग साढ़े छह कठ्ठा जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर पांच मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण किया गया है।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि कथित अवैध निर्माण के मामले में पहले ही भवन ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया जा चुका है। हालांकि, इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) लंबित है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा पारित किसी आदेश से कोई पक्ष असंतुष्ट होता है, तो वह कानून के तहत उपलब्ध अपील या अन्य वैधानिक उपायों का सहारा ले सकता है।

यह फैसला साकची ठाकुरबाड़ी मंदिर की भूमि विवाद से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति माना जा रहा है, क्योंकि अब इस मामले में आगे की कार्रवाई धार्मिक न्यास बोर्ड के समक्ष विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत होगी।

रिपोर्ट: बृजराज सिंह

AnupSrivastav
Author: AnupSrivastav

State Prabhari, Jharkhand Zee Bharat News

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