सौरभ कुमार, जादूगोड़ा

मुसाबनी क्षेत्र में शनिवार की सुबह एक ऐसी खबर आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। वरिष्ठ पत्रकार मृत्युंजय सिंह का उनके आवास परिसर में करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया। यह घटना लगभग सुबह 8 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, वे अपने घर के आसपास मौजूद थे, तभी अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि उन्हें बचाने का मौका नहीं मिल सका और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, वहीं बाद में प्रशासनिक अधिकारियों को भी जानकारी दी गई। मृत्युंजय सिंह केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि क्षेत्र की आवाज़ थे। वे लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े हुए थे और अपनी निष्पक्ष, साहसी और जनहित की पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा स्थानीय समस्याओं, आम लोगों की परेशानियों और सामाजिक मुद्दों को अपनी खबरों में जगह दी। उनकी रिपोर्टिंग का अंदाज़ सीधा, सरल और प्रभावशाली माना जाता था। पत्रकारिता के साथ-साथ उनका व्यवहार भी लोगों के दिलों में जगह बनाने वाला था। वे मिलनसार, सहयोगी और हर वर्ग से सहज रूप से जुड़े रहने वाले व्यक्ति थे। यही कारण था कि वे सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि एक सामाजिक चेहरा भी बन चुके थे। उनके निधन की खबर फैलते ही मुसाबनी, पूरे पूर्वी सिंहभूम और पत्रकार जगत में गहरा शोक फैल गया। पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने इसे पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति बताया है। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्राप्त हो।
मृत्युंजय सिंह की कलम, उनकी आवाज़ और उनका संघर्ष हमेशा लोगों की यादों में जिंदा रहेगा। उन्होंने जिस ईमानदारी से पत्रकारिता की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।















