नीतीश सरकार की योजना फेल! बिहार के डहुआघाट में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग

बांका कटोरिया प्रखंड के बसमत्ता पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित डहुआघाट गांव में सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। गांव में पीएचईडी विभाग द्वारा निर्मित जलमीनार (पानी टंकी) जर्जर होकर केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार जलमीनार का चदरा पूरी तरह सड़ चुका है, जिसके कारण बारिश का पानी सीधे मोटर के स्टार्टर पर गिरता है। इससे मोटर बार-बार खराब हो जाती है। वर्तमान में लगभग तीन माह से मोटर खराब पड़ी है, जबकि पाइपलाइन भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। जलापूर्ति के लिए लगाए गए अधिकांश नल टूट चुके हैं और उपयोग के लायक नहीं बचे हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना के तहत लगाए गए कई नलकों को ठेकेदार द्वारा उखाड़ लिया गया, जबकि शेष नल भी अनुपयोगी स्थिति में हैं। उन्होंने बताया कि जब जलमीनार चालू रहती थी, तब भी जगह-जगह पाइप फटने के कारण पानी रास्ते में ही बह जाता था, जिससे कई घरों तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो पाती थी। शिकायतों के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

गांव के जलमीनार संचालक पुरुषोत्तम यादव ने बताया कि समस्या से विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार ठेकेदार को मरम्मत का निर्देश देकर मामला टाल दिया गया। धरातल पर अब तक कोई प्रभावी कार्य नहीं हुआ है।

पेयजल आपूर्ति बाधित होने से गांव के लगभग 35 परिवारों और करीब 300 की आबादी को नदी, कुएं तथा निजी चापाकलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता देवेन्द्र कुमार तथा संबंधित ठेकेदार ने बताया कि जलमीनार की स्थिति का निरीक्षण कर लिया गया है। जर्जर टंकी एवं क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत कर योजना को जल्द ही सुचारु रूप से चालू किया जाएगा।

मौके पर उषा देवी, सोनी देवी, कौशल्या देवी, पार्वती देवी, सुमित्रा देवी, रीता देवी, पिंकी देवी, ललिता देवी, प्रदीप यादव, धनराज यादव, पप्पू यादव, बबलू यादव, सुनील यादव, अहिल्या देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

बांका कटोरिया से श्रीकांत यादव की खास रिपोर्ट, जी भारत न्यूज़।

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