ब्यूरो रिपोर्ट: शोभित पाण्डेय

जालौन: पत्रकार के साथ थाना प्रभारी निरीक्षक द्वारा कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणी, अभद्र व्यवहार और अमानवीय तरीके से पेश आने का मामले ने तूल पकड़ लिया है, कई दैनिक समाचार पत्रों में समाचार छपने के बाद जालौन पुलिस ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच क्षेत्राधिकारी(सीओ) माधौगढ़ को सौंप दी है। समाचार के जरिये शिकायत के अनुसार, पत्रकार का आरोप था कि थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश ने पत्रकार के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र गाली-गलौज की थी और पत्रकार को लगभग चार घंटे तक थाने में एक मुलाजिम की तरह जमीन पर बैठाए रखा गया। पत्रकार का मोबाइल भी छीन लिया था इसके बाद थाना प्रभारी अपनी सरकारी गाड़ी में उन्हें कथित रूप से एक मुलजिम की तरह प्राचीन भैरव मंदिर लेकर गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पत्रकार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं, जिसे जांच के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा सकता है। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि इस दौरान उनके साथ मां-बहन की अशोभनीय गालियां दी गईं और लगातार अपमानजनक व्यवहार किया गया। घटना के बाद पत्रकारों तथा स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जालौन पुलिस ने जांच के आदेश जारी करते हुए प्रकरण क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ को सौंप दिया है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य संबंधित तथ्यों का परीक्षण समाचार लिखने तक नहीं हुआ है जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न होती है या नहीं…..?? प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। इसलिए जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट आने तक सभी आरोपों को आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अतः पत्रकार के साथ हुआ दुर्व्यवहार को लेकर पत्रकारों का प्रतिमंडल जल्द ही पुलिस अधीक्षक से वार्ता करेगा।














