जमशेदपुर: रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायिका श्रीमती पूर्णिमा साहू ने प्रदेशवासियों, विशेषकर बहनों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और आत्मीयता का पवित्र बंधन है। इस पर्व को आत्मनिर्भर भारत और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प से जोड़ते हुए उन्होंने सभी से स्थानीय स्तर पर बनी पर्यावरण-अनुकूल राखियों को अपनाने का आग्रह किया।
विधायिका ने कहा कि इस रक्षाबंधन पर बहनें अपने हाथों से बनी ईको-फ्रेंडली राखियां भाइयों को भेजें। यदि राखी खरीदनी हो, तो स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूह (SHGs) की महिलाओं द्वारा तैयार स्वदेशी राखियों को प्राथमिकता दें। इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से सीधे राखी भेजने की बजाय भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग की स्पीड पोस्ट सेवा का उपयोग करने की अपील की। उनका कहना है कि बहन के हाथों का स्पर्श और उसकी भावनाएं राखी के साथ जुड़ी होती हैं, जिन्हें डाक के माध्यम से भेजी गई राखी अधिक आत्मीयता के साथ भाई तक पहुंचाती है।
श्रीमती पूर्णिमा साहू ने देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय सेना के जवानों को भी राखी भेजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो सैनिक दिन-रात देश की सुरक्षा में लगे हैं, वे भी हमारे भाई हैं। उन्हें राखी भेजकर उनके प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करना हम सभी का दायित्व है।
अपने संदेश में उन्होंने कहा, “राखी सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, अटूट विश्वास और सुरक्षा का पवित्र बंधन है। जब तक बहन के हाथों का स्पर्श राखी की डोर को नहीं छुएगा, तब तक भाई की कलाई तक वह सच्चा प्यार कैसे पहुंचेगा। आइए, इस रक्षाबंधन पर डाक विभाग के माध्यम से अपनी भावनाओं को अपने भाइयों तक पहुंचाएं और रिश्तों को और मजबूत बनाएं।









