रिपोर्ट पी.एन. सिंह जी भारत न्यूज़।
मंगलगीतों, शहनाई की मधुर धुनों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस आयोजन में नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। विवाह संस्कार के बाद बेटियों की विदाई के समय माहौल भावुक हो गया और कई परिजनों की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक साकेन्द्र प्रताप वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शांतिकुंज हरिद्वार से आए आचार्यों ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराया। विधायक ने नवदंपतियों पर पुष्पवर्षा कर उनके सुखद एवं सफल दांपत्य जीवन की कामना की।
अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धन परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी योजना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने योजना की सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है, जिसमें 64 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं ताकि वह अपने नए जीवन की शुरुआत सम्मानपूर्वक कर सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह, तहसीलदार वैशाली अहलावत, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर शुभकामनाएं दीं। विवाह के बाद प्रत्येक जोड़े को गृहस्थी की शुरुआत के लिए करीब 30 प्रकार की उपयोगी उपहार सामग्री भी भेंट की गई।
योजना के तहत कुल 121 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित था, जिनमें से 113 जोड़ों ने सात फेरे लिए। इनमें फतेहपुर ब्लॉक के 33, निंदूरा के 45, सूरतगंज के 40, सिरौली गौसपुर के 2 तथा हरख ब्लॉक का 1 जोड़ा शामिल रहा। पूरे आयोजन में सामाजिक समरसता, भाईचारे और सामूहिक सहभागिता का प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला।









