स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने, बैंक लिंकेज, लखपति दीदी एवं रोजगारपरक गतिविधियों में तेजी लाने के दिए निर्देश
जालौन: जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों को केवल गठन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की प्रगति, बैंक लिंकेज, सामुदायिक निवेश निधि, रिवॉल्विंग फंड, लखपति दीदी अभियान, बैंक सखी, बीसी सखी, विद्युत सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी, एफपीओ, प्रेरणा कैंटीन, पीडीएस दुकान, टेक होम राशन उत्पादन इकाइयों सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जनपद में वर्ष 2014 से अब तक 574 ग्राम पंचायतों में 9,431 स्वयं सहायता समूह गठित किए जा चुके हैं, जिनसे 1.42 लाख से अधिक परिवार जुड़े हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा प्राप्त धनराशि का उपयोग आय बढ़ाने वाली गतिविधियों में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समूहों द्वारा संचालित उद्यमों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो और अधिक से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि समूहों द्वारा संचालित प्रेरणा कैंटीन, पीडीएस दुकानों, टेक होम राशन उत्पादन, एफपीओ, जैविक खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, स्टेशनरी, जनरल स्टोर, अगरबत्ती निर्माण तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों का और अधिक विस्तार किया जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों। बैंक सखी, बीसी सखी, विद्युत सखी एवं स्वास्थ्य सखी जैसी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन सभी कैडरों की सक्रियता बढ़ाई जाए तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि समूहों की नियमित बैठकें, अभिलेखों का संधारण एवं डिजिटल पोर्टलों पर समय से फीडिंग सुनिश्चित की जाए, जिससे योजनाओं की प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू सिंह राही सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।









