रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।
डीएम ने विकास खंड निन्दूरा अन्तर्गत आंगनबाड़ी एवं वृहद गौ संरक्षण केंद्र का किया निरीक्षण
आंगनबाड़ी केंद्र हेमा का पुरवा में बच्चों से किया आत्मीय संवाद, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखी
जलभराव से प्रभावित वृहद गौ संरक्षण केंद्र अगासन्ड का लिया जायजा, स्थायी समाधान एवं शीघ्र संचालन के दिए निर्देश
बाराबंकी, 23 जुलाई। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने गुरुवार को तहसील फतेहपुर के विकास खंड निन्दूरा अंतर्गत स्थित हेमा का पुरवा आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा संबंधी सेवाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की, उनका हालचाल एवं दैनिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। बच्चों के साथ सहज संवाद करते हुए उन्होंने उनका उत्साहवर्धन भी किया।

जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ती से केंद्र पर पंजीकृत बच्चों, नियमित उपस्थिति, पूरक पोषाहार वितरण तथा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वीएचएनडी सत्र के माइक्रोप्लान का अवलोकन करते हुए सैम व मैंम बच्चों की पहचान, उपचार, फॉलोअप एवं पोषण पुनर्वास की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक शासन की सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचे तथा कुपोषण उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य एवं बाल विकास विभाग आपसी समन्वय के साथ नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करें।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, तहसीलदार फतेहपुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के अगले चरण में जिलाधिकारी ने ग्राम अगासण्ड स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि जलभराव की समस्या के कारण गौ संरक्षण केंद्र का संचालन प्रभावित है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए गौ संरक्षण केंद्र को पुनः संचालित करने के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बाढ़ कार्यखंड को स्थल का तकनीकी निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिससे जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे भविष्य में वर्षाकाल के दौरान भी गौ संरक्षण केंद्र का संचालन निर्बाध रूप से जारी रह सके।

उन्होंने रेठ नदी के किनारे स्थित गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण करते हुए नदी की सफाई कराने तथा परिसर में जल निकासी एवं वर्षा जल संचयन की दृष्टि से तालाब की खुदाई कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी, निन्दूरा को दिए। निरीक्षण के दौरान उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित पशुधन प्रसार अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।










