चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखंड ने नीति आयोग के आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत जनवरी–मार्च 2026 की डेल्टा रैंकिंग में पूरे पूर्वी भारत में प्रथम स्थान हासिल कर राज्य और जिले का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि “नीति तारा” पहल के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर प्रशासनिक समन्वय और जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार, “नीति तारा” के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कृषि एवं आजीविका, आधारभूत संरचना, वित्तीय समावेशन और सुशासन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया। नियमित फील्ड मॉनिटरिंग, डेटा आधारित योजना निर्माण, विभागों के बीच समन्वय और सामुदायिक सहभागिता ने विकास कार्यों को नई गति दी।
जिला प्रशासन ने आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के लक्ष्यों की लगातार समीक्षा करते हुए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की। इस सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं, शिक्षकों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भूमिका रही।
इस उपलब्धि पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि गुदड़ी प्रखंड का पूरे पूर्वी भारत में प्रथम स्थान प्राप्त करना जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता टीमवर्क, प्रभावी मॉनिटरिंग, जनसहभागिता और “नीति तारा” के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। उनका कहना था कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल बेहतर रैंकिंग हासिल करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक विकास योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण लाभ पहुंचाना है।
उपायुक्त ने गुदड़ी प्रखंड के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विभिन्न विभागों की टीमों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय नागरिकों को इस उपलब्धि का श्रेय देते हुए कहा कि “नीति तारा” के सफल मॉडल को जिले के अन्य प्रखंडों में भी लागू किया जाएगा, ताकि पश्चिमी सिंहभूम को समावेशी और सतत विकास का मॉडल जिला बनाया जा सके।









