रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान
बाराबंकी, 22 मई। जनपद में कौशल विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने और प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में डीआरडीए स्थित गांधी सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री अप्रेन्टिसशिप योजना, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण गुणवत्ता एवं सेवायोजन की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अप्रेन्टिसशिप योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि उद्योगों एवं संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर रोजगार और प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएम ने रोजगारपरक ट्रेडों को विशेष बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानों में ट्रेडवार मेधावी छात्रों की पहचान की जाए तथा जनपद की बड़ी औद्योगिक इकाइयों को प्रशिक्षण संस्थानों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने उद्योग विशेषज्ञों द्वारा गेस्ट लेक्चर, तकनीकी सत्र एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण आयोजित कराने की बात कही, ताकि विद्यार्थी उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बन सकें।

प्रशिक्षण संस्थानों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षकों और प्रशिक्षार्थियों की अनुशासित उपस्थिति जरूरी है। साथ ही संस्थानों में नियमित मॉनिटरिंग और अनुपस्थित प्रशिक्षार्थियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ ट्रेडों में प्रशिक्षार्थियों की संख्या लगातार घट रही है और रोजगार के अवसर भी सीमित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अप्रासंगिक एवं कम उपयोगी ट्रेडों को बंद कर उनकी जगह रोजगारोन्मुख नए पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में फूड प्रोसेसिंग, एग्रो प्रोसेसिंग और सोलर टेक्नीशियन जैसे नए ट्रेड शुरू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि युवाओं को अप्रेन्टिसशिप एवं इंटर्नशिप के अधिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा निजी क्षेत्र के उद्योगों से समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षण के साथ रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन, उप जिलाधिकारी फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, उपायुक्त उद्योग, जिला सेवायोजन अधिकारी, श्रम विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।









