रांची:झारखंड में नागरिकों को समयबद्ध सरकारी सेवाओं का लाभ दिलाने और सेवा का अधिकार कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को रांची प्रेस क्लब में हमर अधिकार मंच के बैनर तले राइट टू सर्विस यानी झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम, 2011 पर विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में झारखंड के 14 जिलों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011, संबंधित नियमावली एवं संशोधन नियमावली के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को बताया गया कि आम नागरिक किस प्रकार सरकारी सेवाओं के लिए सेवा का अधिकार के तहत आवेदन कर सकते हैं तथा निर्धारित समय में सेवा नहीं मिलने की स्थिति में प्रथम अपील और द्वितीय अपील की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
दीपेश निराला ने कहा कि झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम को लागू हुए करीब 15 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन व्यापक प्रचार-प्रसार के अभाव में बड़ी संख्या में नागरिक अभी भी इसके प्रावधानों और अपने अधिकारों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। निर्धारित अवधि में सेवा नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई का रास्ता खुलता है।
प्रथम और द्वितीय अपील की दी गई जानकारी
कार्यशाला में प्रतिभागियों को बताया गया कि यदि निर्धारित समय सीमा में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो आवेदक प्रथम अपील कर सकता है। प्रथम अपील के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर द्वितीय अपील का प्रावधान है।
आयोजकों के अनुसार, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार को निर्धारित प्रावधानों के तहत दोषी पदाधिकारी पर जुर्माना लगाने तथा पात्र स्थिति में आवेदक को क्षतिपूर्ति दिलाने का अधिकार है। प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी गई कि सेवा का अधिकार के तहत प्रथम अपील और द्वितीय अपील के लिए किसी शुल्क का भुगतान नहीं करना होता है।
363 से अधिक सेवाएं समयबद्ध दायरे में
कार्यशाला में बताया गया कि झारखंड सरकार ने वर्तमान में 363 से अधिक सरकारी सेवाओं को समयबद्ध सेवा व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध किया है। प्रत्येक सेवा के लिए निर्धारित समय-सीमा तय है। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से मिलने वाली सेवाओं के लिए अनावश्यक विलंब से बचाना और प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाना है।
प्रतिभागियों को सेवा का अधिकार आवेदन तैयार करने, आवेदन जमा करने, निर्धारित समय-सीमा की जानकारी रखने तथा सेवा नहीं मिलने पर अपील की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी समझाया गया कि प्रथम अपील और द्वितीय अपील किन स्तरों पर और किस प्रकार की जानी है।
प्रतिभागियों को दी गई सामग्री और प्रमाण पत्र
कार्यशाला में शामिल सभी प्रतिभागियों को सेवा का अधिकार से संबंधित किताब, मटेरियल किट और पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सरकारी सेवाओं से जुड़े अधिकारों की जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला में हमर अधिकार मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी, राजकुमार, कोषाध्यक्ष विनोद जैन बागवानी, कार्यकारिणी सदस्य सुजीत कुमार पांडेय, प्रमोद कुमार, कुमार अभिषेक दुबे, अखिल कुमार, विकास निरंजन, मनोज सिंह, अरुणाभा कर, अमिताभ कुमार, विजय कुमार, रश्मि भेंगरा, प्रिय ब्रत प्रसाद, नेम चंद महतो समेत झारखंड के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रांची, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, कोडरमा, पलामू, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, खूंटी, धनबाद, सिमडेगा, गढ़वा, लातेहार सहित विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मंच संचालन संतोष मृदुला ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रेणुका तिवारी ने किया।















