मऊ : राष्ट्रीय लोक अदालत में 61,950 मामलों का निस्तारण, 3.46 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति दिलाई गई

रिपोर्ट, सुरेश चंद्रा

मऊ में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का जनपद न्यायाधीश ने किया शुभारंभ, आपसी सुलह-समझौते से 22 दंपत्तियों को फिर साथ रहने के लिए किया गया विदा

मऊ। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त निर्देशों के क्रम में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को जनपद मऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री संजय कुमार यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकृति के कुल 61,950 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं, 16,86,800 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। जनपद न्यायाधीश श्री संजय कुमार यादव द्वारा एक आर्बिट्रेशन मामले का भी निस्तारण किया गया।

मोटर दुर्घटना के 62 मामलों में 3.46 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति

पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण श्री चंद्रगुप्त द्वारा कुल 62 मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षों को 3,46,60,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री निरंजन चन्द्र पाण्डेय द्वारा 80 वादों का निस्तारण किया गया। आपसी सुलह-समझौते एवं पारिवारिक सद्भाव के आधार पर 22 दंपत्तियों को पुनः साथ रहने के लिए विदा किया गया, जिससे लोक अदालत के माध्यम से पारिवारिक विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।

स्थायी लोक अदालत सहित विभिन्न न्यायालयों में हुआ मामलों का निस्तारण

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष श्री हीरालाल एवं सदस्य श्री विकास भाई निकुम्भ द्वारा 10 मामलों का निस्तारण करते हुए 10,82,917 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।

अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-01 श्री बाकर शमीम रिज़वी ने 02 मामलों, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट श्री अनिल कुमार वर्मा ने 01 मामले तथा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट श्री छांगुर राम ने 05 मामलों का निस्तारण किया।

अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कोर्ट-2 श्री प्रदीप कुमार राम द्वारा 43 मामलों का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-01 श्री अजय कुमार श्रीवास्तव ने 206 विद्युत मामलों का निस्तारण किया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती नासेहा वसीम द्वारा 4,899 मामलों का निस्तारण करते हुए 12,44,090 रुपये का अर्थदंड जमा कराया गया।

सिविल जज जूनियर डिवीजन सदर श्री रजत कुमार यादव ने 13 मामलों, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय मधुबन श्री अमरनाथ ने 31 मामलों तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री प्रवीन कुमार यादव ने 2,575 मामलों का निस्तारण किया।

सिविल जज जूनियर डिवीजन मुहम्मदाबाद गोहना श्रीमती प्रीति यादव ने 16 मामलों, सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट संख्या-02 श्रीमती ममता यादव ने 313 मामलों, सिविल जज जूनियर डिवीजन महिलाओं के विरुद्ध अपराध सुश्री काजल श्रीवास्तव ने 33 मामलों तथा सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी सुश्री स्तुति सोनकर ने 291 मामलों का निस्तारण किया।

विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री रमेश चन्द राय द्वारा भी 75 मामलों का निस्तारण किया गया।

बैंकों व अन्य संस्थाओं के 693 मामलों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न बैंकों, बीएसएनएल, टोरेन्टो गैस एवं सोनाटा फाइनेंस द्वारा कुल 693 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 3,09,25,536 रुपये की बकाया राशि प्राप्त की गई।

राजस्व विभाग के 46 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण

राजस्व विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान 46,382 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं श्रम विभाग एवं मनरेगा द्वारा 556 मामले, नगर पालिका द्वारा 110 मामले तथा विद्युत विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 259 मामलों का निस्तारण किया गया।

इसके अतिरिक्त बाट-माप विभाग द्वारा 20 मामले, वन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 107 मामले तथा पंचायत विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 4,950 मामलों का निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों के निस्तारण से जहां न्यायालयों में लंबित वादों का बोझ कम हुआ, वहीं पक्षकारों को आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से त्वरित न्याय प्राप्त हुआ।

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