जमशेदपुर/बोकारो : भारतीय डाक विभाग, सिंहभूम मंडल की टीम ने रक्षाबंधन से पहले एक ऐसे वीर परिवार से मुलाकात की, जिसकी देशभक्ति और त्याग हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। टीम ने अमर शहीद किशन दुबे की बहन श्रीमती लक्ष्मी कुमारी पांडे से भेंट कर उनके अद्भुत समर्पण और भाई के प्रति अटूट स्नेह को जाना।
इस प्रेरणादायक मुलाकात को संभव बनाने में सेवानिवृत्त जनसंपर्क निरीक्षक अमरेंद्र कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से शहीद परिवार की भावनाएं समाज तक पहुंच सकीं।
देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान
लक्ष्मी कुमारी पांडे ने बताया कि उनके भाई किशन दुबे ने 9 जुलाई 2015 को देश की सीमा पर आतंकियों के साथ आमने-सामने की मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त की थी। गोली उनके दाहिनी आंख के पास लगी थी, लेकिन उन्होंने अंतिम सांस तक देश की रक्षा का अपना कर्तव्य निभाया। बहन ने कहा कि भाई आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका बलिदान और यादें हमेशा जीवित रहेंगी।
11 वर्षों से निभा रही हैं अनोखी परंपरा
भाई की शहादत के बाद से लक्ष्मी कुमारी हर वर्ष रक्षाबंधन पर भारतीय डाक विभाग के माध्यम से अपने भाई की बटालियन में तैनात सैनिकों को राखियां भेजती हैं। उनका कहना है कि राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि सीमा पर तैनात जवानों के लिए सुरक्षा, विश्वास और स्नेह का प्रतीक है।
उन्होंने भारतीय डाक विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग पिछले कई वर्षों से उनकी राखियां समय पर सुरक्षित रूप से जवानों तक पहुंचा रहा है।
देश की बहनों से भावुक अपील
वर्तमान में बोकारो में रह रही लक्ष्मी कुमारी पांडे ने इस वर्ष भी डाकघर के माध्यम से सैनिकों को राखियां भेजने की तैयारी की है। उन्होंने देश की सभी बहनों से अपील करते हुए कहा कि सीमा पर तैनात हर जवान को अपना भाई मानकर उन्हें राखी भेजें। इससे जवानों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें परिवार जैसा अपनापन महसूस होता है।
डाक विभाग ने किया वीर परिवार को नमन
भारतीय डाक विभाग, सिंहभूम मंडल ने शहीद किशन दुबे, उनकी वीर माता और बहन लक्ष्मी कुमारी पांडे के त्याग व समर्पण को नमन करते हुए कहा कि ऐसे परिवार पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। विभाग ने इस प्रेरणादायक पहल में सहयोग देने वाले अमरेंद्र कुमार सिंह का भी आभार व्यक्त किया









