गालूडीह स्थित नेशनल हाईवे पर मां वैष्णो देवी मंदिर के समीप सोमवार को एक ऐसे शिवभक्त दिखे, जिनकी आस्था, संकल्प और भक्ति ने राहगीरों को भावुक कर दिया। बिहार के नवगछिया, भागलपुर निवासी मुकेश Kumar कांवर में पवित्र जल लेकर सुल्तानगंज से नंगे पांव पदयात्रा करते हुए पुरी धाम की ओर बढ़ रहे हैं।
भीषण गर्मी, तपती सड़क, धूलभरे रास्ते और लंबी दूरी के बावजूद उनके चेहरे पर थकान नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा दिखाई दे रही थी। मुकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सुल्तानगंज से जल भरकर अपनी यात्रा शुरू की है और विभिन्न रास्तों से होते हुए गालूडीह पहुंचे हैं। उनका अगला पड़ाव घाटशिला है, जहां विश्राम के बाद वे आगे पुरी धाम के लिए रवाना होंगे।
खेती और मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले मुकेश कुमार ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनकी आस्था ने उन्हें इस कठिन यात्रा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रास्ते में तेज धूप, भूख-प्यास और पैरों में पड़े छालों जैसी परेशानियां आती हैं, लेकिन “भोले बाबा का नाम लेते ही सारी थकान दूर हो जाती है और आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है।”
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल पैदल चलना नहीं, बल्कि तपस्या, धैर्य और आत्मविश्वास की परीक्षा है। सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करते हुए भारी वाहनों के बीच कांवर और जल को सुरक्षित रखना भी चुनौतीपूर्ण होता है। कई बार भोजन, पानी और रात्रि विश्राम की भी समस्या होती है, फिर भी शिवभक्त अपनी आस्था के सहारे आगे बढ़ते रहते हैं।
गालूडीह में जब लोगों ने उन्हें नंगे पांव तपती सड़क पर चलते देखा तो कई राहगीर रुककर उनकी हिम्मत और भक्ति को नमन करते नजर आए। मुकेश कुमार जैसे श्रद्धालु आज के दौर में सनातन संस्कृति, त्याग और सच्ची आस्था की मिसाल बनकर उभर रहे हैं।
रिपोर्ट जादूगोड़ा/गालूडीह, संवाददाता: जी भारत न्यूज़।









