रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।
बाराबंकी में ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत प्राचीन पाण्डुलिपियों के चिन्हांकन, संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से जारी है। अभियान के सफल संचालन के लिए गठित जनपद स्तरीय समिति के निर्देशन में विभिन्न संस्थानों और स्थलों पर सर्वेक्षण कराया जा रहा है।

अभियान के तहत निजी एवं सरकारी पुस्तकालयों, संग्रहालयों, संस्कृत पाठशालाओं, शोध संस्थानों, मंदिरों, मठों, आश्रमों और गुरुकुलों में सुरक्षित पाण्डुलिपियों का विवरण संकलित किया जा रहा है। इसके साथ ही निजी संग्रहकर्ताओं, पुरोहितों, धर्माचार्यों तथा संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के विद्वानों के पास उपलब्ध दुर्लभ पाण्डुलिपियों का भी चिन्हांकन किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए उसे डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण कार्य को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए तथा अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पाण्डुलिपियां उपलब्ध हों, तो वे अभियान से जुड़कर उसकी जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि इस अमूल्य धरोहर का संरक्षण और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जा सके।









