रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान जी भारत न्यूज़।
कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के पोषण सुधार पर सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई
बाराबंकी, 16 अप्रैल। कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में जनपद स्तरीय पोषण समिति की मासिक समीक्षा एवं कन्वर्जेंस बैठक जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्ना सुदन की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। बैठक में पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण एक समेकित दायित्व है, जिसके लिए सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी सीडीपीओ को निर्देशित किया कि सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं की व्यक्तिगत निगरानी कर उन्हें शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हेतु सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सैम एवं मैम बच्चों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें एनआरसी में भर्ती कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग की आरबीएसके टीम को नियमित विजिट करने के निर्देश दिए गए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इस माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है, अतः कोई भी लाभार्थी छूटने न पाए। साथ ही सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों के परिवारों को घर-घर जाकर पोषण परामर्श, आहार चार्ट एवं अनुपूरक पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सीडीपीओ सूरतगंज द्वारा कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर उनका वेतन बाधित करने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित समस्त सीडीपीओ, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।









