रिपोर्ट, डॉक्टर सुरेश चंद्रा एडवोकेट ब्यूरो चीफ जी भारत न्यूज़।
जिन्होंने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखा, उनके परिवारों की सुरक्षा और स्वास्थ्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मऊ के ताजोपुर में मुख्यमंत्री ने किया ‘ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल’ का भव्य उद्घाटन; सैनिकों और आम जनता को समर्पित की आधुनिकतम चिकित्सा व्यवस्था
“डबल इंजन सरकार के सेवा संकल्प का परिणाम: अब पूर्वांचल के गांवों तक पहुंच रही हैं विश्वस्तरीय आईसीयू, वेंटिलेटर और सीटी स्कैन सुविधाएं।”
मुख्यमंत्री की दोटूक: “स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और दवाओं की उपलब्धता में लापरवाही करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे, मरीज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
पहले की सरकारों में जहां पूर्वांचल बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए तरसता था, आज वहां हर जिले में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की क्रांति हो रही है।
भूतपूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं के प्रति मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया आभार; बोले- “वीर जवानों के त्याग और बलिदान का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता
ताजोपुर सैनिक हॉस्पिटल बनेगा क्रिटिकल केयर का बड़ा केंद्र; मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को दिया ‘सहानुभूति और सेवाभाव’ का मंत्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद मऊ के ताजोपुर स्थित ‘ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल’ का उद्घाटन करते हुए देश के वीर जवानों, भूतपूर्व सैनिकों और ग्रामीण जनता के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मुख्यमंत्री जी ने अपने ओजस्वी और प्रभावशाली संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि जिन जांबाज सैनिकों ने अपनी जवानी और अपना सर्वस्व देश की सीमाओं की रक्षा में होम कर दिया, उनके और उनके आश्रितों के स्वास्थ्य की सर्वोत्तम देखभाल करना राज्य सरकार का परम कर्तव्य है। यह अस्पताल इसी कर्तव्य और सम्मान का एक जीता-जागता प्रतीक है।समारोह में उपस्थित विशाल जनसमुदाय और सैन्य परिवारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘स्वस्थ भारत’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी प्रामाणिकता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब मऊ और पूरे पूर्वांचल के लोगों को एक सीटी स्कैन, बेहतर डायलिसिस या वेंटिलेटर सुविधा के लिए बनारस, लखनऊ या दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ती थी। उस समय गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों का आधा पैसा सिर्फ आने-जाने और इलाज की व्यवस्था करने में ही खर्च हो जाता था।
मा मुख्यमंत्री जी ने कहा की भारत के वीर/माटी के सपूत ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल के संस्थापक सेवानिवृत्त बिग्रेडियर श्री पी0 एन0 सिंह ने सेना में अपनी 33 साल की सेवा पूर्ण कर, आज ग्रामीण क्षेत्रवासियों के सेवाभाव के दृष्टिगत, स्वास्थ्य,नर्सिंग, आईटीआई जैसे तकनीकी शिक्षा को धरातल पर उतारकर मऊ जनपद के साथ साथ आस पास के जिलों के शिक्षा को संजोकर कर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया है, इसके लिए मैं इन्हे बधाई देता हूँ। उन्होंने सामाजिकता के साथ ही ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को भी संजोने का काम किया है। उन्होंने कहा यह हापिटल स्वास्थ्य सेवा देने के साथ ही प्रदेश के लिए एक बड़ा निवेश भी है, जी स्वावलम्बन का आधारशीला है। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के पुण्य कार्य कर, सैनिक होने के कर्ज को पूरा किया है, ऐसे विचार को संजोने वाले वाले व्यक्ति हो तो भारत को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता और यही जीवन का कर्तव्य है। उन्होंने कहा की छुआ छूत विदेशी गुलामी की बू आती है, इसे पूरी तरह से समाप्त करने की जरुरत है, बिना भेद भाव, छुआ छूत का विचार को साकार करते हुए बेहतर कार्य करने की जरुरत है। स्वावलम्बन के साथ स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर आगे आना एक बेहतर कार्य है, उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की अपेक्षा वर्तमान भारत सरकार ने विकास के रास्ते खोले हैं, आज ट्रेन द्वारा मऊ से 3 घंटे में लखनऊ आने जाने,डेढ़ घंटे में वाराणसी पहुंचने का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है,गरीबों के लिए इस तरह की सुविधाये आज मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा, “हमारी सरकार ने इस दर्द को समझा है। आज मऊ के ग्रामीण अंचल ताजोपुर में स्थापित यह सैनिक हॉस्पिटल अत्याधुनिक आईसीयू, आधुनिकतम सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे और लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस जैसी क्रिटिकल केयर सुविधाओं से लैस होकर तैयार है। अब पूर्वांचल के किसी भी भाई-बहन को इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ना पड़ेगा।”स्वास्थ्य माफियाओं और लापरवाही पर मुख्यमंत्री का कड़ा रुखअपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और संवेदनशीलता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि चिकित्सा के क्षेत्र में व्यावसायिकता से ऊपर सेवाभाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कोई गरीब या सैनिक परिवार का सदस्य अस्पताल आता है, तो डॉक्टरों का मधुर व्यवहार ही उसकी आधी बीमारी को दूर कर देता है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकारी हो या निजी, स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जनता का शोषण या दवाओं की कालाबायरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार ऐसी प्रवृत्तियों से पूरी सख्ती से निपटना जानती है।सैन्य परंपरा का सम्मान और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकासमुख्यमंत्री ने अस्पताल की स्थापना में योगदान देने वाले सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों और संस्थापकों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सेवा की जो सीख भारतीय सेना देती है, उसी का परिणाम है कि आज ताजोपुर में यह आधुनिक चिकित्सालय खड़ा हो सका है। इस अस्पताल में पूर्व सैनिकों, युद्ध वीरांगनाओं और उनके आश्रितों के लिए विशेष प्राथमिकता और त्वरित उपचार की व्यवस्था की गई है, जो सराहनीय है। साथ ही, क्षेत्र के आम नागरिकों को भी इस उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र का सीधा लाभ मिलेगा।अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल’ मऊ और आस-पास के जिलों (जैसे आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर) के चिकित्सा परिदृश्य में एक युगांतरकारी मील का पत्थर साबित होगा। उद्घाटन के उपरांत मुख्यमंत्री जी ने स्वयं चिकित्सालय के विभिन्न वॉर्डों और तकनीकी इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध जीवन रक्षक उपकरणों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।इस अवसर पर राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सेना के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी और भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।









