बाराबंकी के त्रिवेदीगंज क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने दर्जनों किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 1 बजे हुई इस घटना में एक कौवे के हाईटेंशन बिजली लाइन से टकराने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली चिंगारी ने सूखे खेतों में भीषण आग का रूप ले लिया।
???? कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, 132/33 केवी हैदरगढ़ (सरायपांडे) पावर ग्रिड से जुड़ी लाइन से टकराने के बाद कौवा जलकर गिर गया। उसी दौरान निकली चिंगारी नीचे सूखी गेहूं की फसल पर जा गिरी। तेज हवाओं ने आग को तेजी से फैलाया और देखते ही देखते कई गांव इसकी चपेट में आ गए।
???? भारी नुकसान, किसान बेहाल
इस आग में लगभग 70 किसानों की सैकड़ों बीघा तैयार गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई।
प्रभावित गांवों में कान्हीपुर, उस्मानपुर, गौरी, सादुल्लापुर, तिलोकपुर, बनपुकार और बीरमपुर शामिल हैं।
प्रमुख रूप से प्रभावित किसानों में:
राहुल तिवारी – 10 बीघा
कल्याण मिश्रा – 3 बीघा
अभिमन्यु सिंह – 2 बीघा
इनके अलावा कई अन्य किसानों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
???? राहत और बचाव कार्य
आग लगते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बाल्टियों और पानी के अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश की।
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
⚠️ मुआवजे को लेकर तनाव
घटना के बाद आक्रोशित किसानों और प्रशासन के बीच मुआवजे को लेकर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। किसानों ने तत्काल सहायता की मांग की।
???? प्रशासन का आश्वासन
हैदरगढ़ के एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा, तहसीलदार नम्रता दुबे और राजस्व टीम ने मौके का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने बताया कि:
नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है
एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तैयार होगी
सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाया जाएगा
वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लाइन और तारों में कोई खराबी नहीं थी, हादसा पक्षी के टकराने से हुआ।









