रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास विभाग के विशेष सचिव जयनाथ यादव ने शुक्रवार को बड़ागांव पंचायत भवन में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को मिशन से जुड़ने और गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
विशेष सचिव ने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य “हर गांव समृद्ध, हर हाथ को काम और हर परिवार का सम्मान” सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देने के साथ रोजगार सृजन और परिवारों की आजीविका मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गांधी-शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण से कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष सचिव जयनाथ यादव, प्रशिक्षु आईएएस एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा तथा उपायुक्त विकास मिश्रा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
विशेष सचिव जयनाथ यादव ने कहा कि वीबी-जी राम जी मिशन प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा के स्थान पर अस्तित्व में आई इस योजना में अकुशल मजदूरों को प्रत्येक वर्ष 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान बताया गया है।
उन्होंने कहा कि योजना की सफलता में ग्रामीणों की भागीदारी अहम है। गांव की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों का चयन और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सामुदायिक सहभागिता से बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
चार प्रमुख क्षेत्रों में होंगे विकास कार्य
प्रशिक्षु आईएएस एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा ने बताया कि वीबी-जी राम जी के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें जल संबंधी कार्य, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण, ग्रामीण आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे का निर्माण और अत्यधिक मौसमी घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जल सुरक्षा से खेती को बढ़ावा मिलेगा। सड़क और कनेक्टिविटी बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों को बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं भंडारण और आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों के निर्माण से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के अवसर पैदा होंगे।
स्कूल की चारदीवारी से भूजल पुनर्भरण तक होंगे काम
उपायुक्त विकास मिश्रा ने कहा कि योजना के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, ग्रामीण आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत स्कूलों की चारदीवारी, कक्षा-कक्षों की मरम्मत, भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण और नर्सरी तैयार करने जैसे कार्य कराए जा सकते हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों के एस्टीमेट तैयार करते समय श्रम और निर्माण सामग्री का अनुपात 60:40 रखा जाए।
‘एक योजना- कई स्रोतों से फंडिंग’ पर जोर
खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था “एक योजना-कई स्रोतों से फंडिंग” (सिंगल प्लान-मल्टी फंडिंग) के तरीके पर आधारित है। इसके तहत विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम अपने-अपने लक्ष्यों और फंडिंग व्यवस्था को बनाए रखते हुए साझा विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी से तैयार और ग्राम सभा से मंजूर वीजीपीपी के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को केंद्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध संसाधनों, विशेषज्ञता और निवेश से जोड़ा जाएगा।
लाइब्रेरी और सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का किया निरीक्षण
चौपाल के बाद अधिकारियों ने पंचायत भवन में संचालित लाइब्रेरी और सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे बच्चों से संवाद किया और उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली।
कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार गौड़, बाल विकास परियोजना अधिकारी विशाल यादव, सहायक विकास अधिकारी पंचायत ब्रजेश कुमार, एडीओ आईएसबी मदन गोपाल कनौजिया, एपीओ परवीन जहां, एडीओ समाज कल्याण प्रमोद कुमार वर्मा, ग्राम प्रधान नूर फातिमा, पंचायत सचिव जैसराम, प्रथम संस्था से दीपक कुमार यादव, प्रधान प्रतिनिधि नूर मोहम्मद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं आजीविका मिशन की महिला सदस्य मौजूद रहीं।
















