सरायकेला: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सरायकेला में जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के वरीय पदाधिकारियों ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के तहत महात्मा गांधी की गुदड़ी बाजार, सरायकेला स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके अलावा समाहरणालय परिसर में स्थापित महात्मा गांधी के तैलचित्र पर भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। वहीं, कोर्ट मोड़ स्थित भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा तथा समाहरणालय में स्थापित उनके तैलचित्र पर भी पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वगिंयारी, उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला श्री अभिनव प्रकाश समेत जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने सत्य, अहिंसा और स्वच्छता का दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को जीवन एवं कार्य व्यवहार में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी समाज और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उपायुक्त ने स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता के प्रति जागरूक रहते हुए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को किया याद
पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सर्वगिंयारी ने भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से समाज को सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है। उनके आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने दोनों महान विभूतियों के विचारों एवं आदर्शों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।















