चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के लुपंगडीह स्थित नारायण प्राइवेट इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) में सोमवार को भारत के प्रख्यात शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : डॉ. जटाशंकर पांडे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन राष्ट्र की एकता, शिक्षा, औद्योगिक विकास और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज एवं देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त आधार है। यदि युवा अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे तो देश का भविष्य और अधिक मजबूत होगा।
देश के औद्योगिक विकास में निभाई थी अहम भूमिका
डॉ. जटाशंकर पांडे ने बताया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कम आयु में ही कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी। स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में उन्होंने देश के औद्योगिक विकास को नई दिशा दी। बाद में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने राष्ट्रवादी विचारधारा को मजबूत आधार प्रदान किया।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है उनका जीवन
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, राष्ट्रभक्ति, शिक्षा और सामाजिक सेवा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित किया और आज भी उनके विचार नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं।
शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की रही सक्रिय भागीदारी
श्रद्धांजलि सभा में एडवोकेट निखिल कुमार, प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, भगत लाल तेली, प्रकाश महतो, शुभम साहू, देवाशीष मंडल, शशि भूषण महतो, पवन महतो, कृष्णा पद महतो, अजय मंडल तथा गौरव महतो सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।








