पश्चिमी सिंहभूम से अनूप श्रीवास्तव की रिपोर्ट जी भारत न्यूज़
पश्चिमी सिंहभूम जिला को हरित और समृद्ध बनाने के तदर्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 जून से 5 जून तक जिले भर में संचालित “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु अभियान” से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में समाहरणालय स्थित सभागार में जिला पंचायती राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल- चाईबासा, पंचायत के कनीय अभियंता, कोऑर्डिनेटर सहित वर्चुअल माध्यम से सभी पंचायत के मुखिया एवं पंचायत सचिव के द्वारा भाग लिया गया।

इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को जन आंदोलन का स्वरूप देना, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण अनुकूल व्यवहार को प्रोत्साहित करना है। अभियान के दौरान पंचायत एवं गांव स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत गांवों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाते हुए सार्वजनिक स्थलों, विद्यालय परिसरों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों, सामुदायिक परिसरों, बाजार क्षेत्रों तथा जल स्रोतों जैसे तालाब, कुएं एवं चापाकलों के आसपास साफ-सफाई कार्य किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त अभियान के तहत निम्नलिखित प्रमुख गतिविधियां संचालित की जाएंगी:-
* स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर ग्राम सभाओं एवं जागरूकता बैठकों का आयोजन।
* गांवों में प्रभात फेरी एवं जागरूकता रैली के माध्यम से स्वच्छता संदेश का प्रसार।
* सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने एवं प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए विशेष जन-जागरूकता गतिविधियां।
* पौधारोपण कार्यक्रम तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करना।
* जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम।
* घर-घर जाकर स्वच्छता, कचरा पृथक्करण एवं ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी देना।
* स्वच्छता शपथ कार्यक्रम का आयोजन तथा लोगों को स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना।
* विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में चित्रकला, निबंध, भाषण एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन।
* स्वयं सहायता समूहों, युवा मंडलों एवं सामुदायिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित करना।

* स्वच्छ एवं हरित गांव के निर्माण के लिए सामुदायिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छता कर्मियों, सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाओं, स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य क्षेत्रीय कर्मियों को अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान व्यापक जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा बैठक में सभी को अपने-अपने स्तर से चुप्पी तोड़ो-स्वस्थ रहो कार्यक्रम, मलेरिया उन्नमूलन, तंबाकू पदार्थ के प्रयोग को रोकने, साथ ही पंचायत सुढृढ़ीकरण कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के संदर्भ में भी आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। बैठक के दौरान जन जागरूकता हेतु एक हाथ में रेड डॉट तथा दूसरे हाथ में ग्रीन डॉट का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया गया। इसके अलावे सभी को माहवारी स्वच्छता, मलेरिया उन्नमूलन में अपेक्षित सहयोग करने का शपथ दिलाया गया। अभियान की व्यापकता के उद्देश्य से उपायुक्त के द्वारा समाहरणालय परिसर में जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना, हस्ताक्षर पट्टिका पर हस्ताक्षर, सेल्फी एवं बैलून के साथ संदेश भी प्रसारित किया गया।

जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे अपने गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं, प्लास्टिक का उपयोग कम करें, जल संरक्षण को प्राथमिकता दें तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाएं। सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी के माध्यम से ही स्वच्छ गांव और सुरक्षित जलवायु के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम और एक पेड़ बेटी के नाम पर लगाने का सुझाव दिया गया।









