संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर वार: 12 विभागों का महा-प्लान, बाराबंकी DM ने दिए कड़े निर्देश

रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।

बाराबंकी में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों को लेकर बैठक, 1 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान

12 विभाग मिलकर बनाएंगे माइक्रोप्लान, 12 अक्टूबर से शुरू होगा दस्तक अभियान; डीएम ने दिए शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश

बाराबंकी, 21 सितंबर। जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की तैयारियों को लेकर सोमवार को प्रथम अंतर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने की। बैठक में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और तैयारियों की समीक्षा की गई।

प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान तथा 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य संचारी रोगों और दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण के साथ लोगों को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।

12 विभाग मिलकर करेंगे अभियान का संचालन

बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत 12 विभाग आपसी समन्वय से माइक्रोप्लान तैयार कर कार्य करेंगे। स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए सभी सहभागी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।

स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकत्रियों द्वारा बुखार, आईएलआई, क्षय रोग, कुष्ठ, फाइलेरिया और कुपोषित बच्चों की लाइन लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके साथ ही मच्छरों के प्रजनन वाले स्रोतों को समाप्त कराने तथा 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के घरों पर जागरूकता संबंधी स्टीकर लगाए जाएंगे।

गांवों में स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण पर जोर

पंचायती राज विभाग के माध्यम से गांवों में नालियों की सफाई, लार्वीसाइड का छिड़काव, झाड़ियों की कटाई, उथले हैंडपंपों का चिन्हीकरण, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता और कूड़े के उचित निस्तारण जैसे कार्य कराए जाएंगे। खुले में शौच से मुक्ति के लिए भी जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी।

नगर विकास विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में नालियों की सफाई, लार्वीसाइड का छिड़काव, उथले हैंडपंपों का चिन्हीकरण और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

स्कूलों में बच्चों और अभिभावकों को किया जाएगा जागरूक

शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में प्रार्थना के समय बच्चों को दिमागी बुखार एवं संचारी रोगों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। अभिभावक बैठकों के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा रैली और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के जरिए बच्चों को जागरूक किया जाएगा।

पशुपालन विभाग द्वारा पशुपालकों को जागरूक करने के साथ पशुबाड़ों की साफ-सफाई और उन्हें आबादी से दूर रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कृषि और आईसीडीएस विभाग की भी रहेगी भूमिका

कृषि विभाग द्वारा संगोष्ठियों के माध्यम से लोगों को चूहों और छछूंदरों से होने वाले रोगों, जैसे स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस, के प्रति जागरूक किया जाएगा।

आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित बच्चों की पहचान कर अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) के लिए संदर्भित किया जाएगा।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा एईएस/जेई से दिव्यांग हुए बच्चों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

मच्छर विकर्षी पौधों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा

उद्यान विभाग द्वारा मच्छर विकर्षी पौधों के रोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। लोगों को मेन्था, गेंदा, तुलसी, कैटनिप, लैवेंडर, सिट्रोनेला, लेमन ग्रास, रोजमेरी और लेमन बाम जैसे पौधों के उपयोग और मच्छरों से बचाव में उनकी संभावित भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी।

1 अक्टूबर को निकलेगी जागरूकता रैली

अभियान के शुभारंभ के अवसर पर 1 अक्टूबर 2026 को जनजागरूकता रैली आयोजित की जाएगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकत्रियों और नगर पालिका परिषद बाराबंकी के सफाई कर्मचारियों सहित जागरूकता से जुड़े वाहन शामिल होंगे।

वाहनों को बैनर, पोस्टर, फॉगिंग मशीन और नेपसेक पंप से सुसज्जित किया जाएगा। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नगर पालिका परिषद बाराबंकी के प्रांगण में आयोजित गोष्ठी के साथ समाप्त होगी।

डीएम ने दिए दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत पालन के निर्देश

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर/उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बाराबंकी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी/फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी, मलेरिया एवं फाइलेरिया निरीक्षक, नगर पालिका के सफाई निरीक्षक, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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