प्रोजेक्ट ‘परख – तैयारी उड़ान की’ से निखरेगा शिक्षण कौशल, बीएड-डीएलएड प्रशिक्षुओं को मिला प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र

चाईबासा: 17 अक्टूबर 2026। पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल करने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में संचालित ‘प्रोजेक्ट परख – तैयारी उड़ान की’ के तहत बीएड एवं डीएलएड प्रवेशार्थियों का तृतीय दिवस प्रशिक्षण एवं फीडबैक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार और जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण सत्र में 15 अक्टूबर को विभिन्न आवंटित विद्यालयों में आयोजित एक दिवसीय अवलोकन कार्यक्रम के अनुभवों की समीक्षा की गई। प्रशिक्षुओं से फीडबैक फॉर्म भरवाकर कक्षा संचालन के दौरान आने वाली समस्याओं, विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों और शिक्षण से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष सत्र आयोजित कर व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए।

बाल मनोविज्ञान और प्रभावी शिक्षण तकनीकों पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान बाल मनोविज्ञान को प्रभावी शिक्षण का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। प्रशिक्षुओं को समझाया गया कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता, रुचि और समझने की गति अलग-अलग होती है। ऐसे में शिक्षकों को बच्चों की जरूरतों के अनुसार शिक्षण पद्धति अपनानी चाहिए, ताकि सभी विद्यार्थियों को सीखने का समान अवसर मिल सके।

इसके अलावा ब्लैकबोर्ड कौशल, कक्षा प्रबंधन, अनुशासन और विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से पढ़ाने की तकनीकों की जानकारी दी गई। पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देने और तेजी से सीखने वाले बच्चों की क्षमताओं को विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

मैट्रिक-इंटर की तैयारी को बेहतर बनाने की पहल

विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से असेसमेंट और परीक्षा की तैयारी पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें कम समय में प्रश्न हल करने, महत्वपूर्ण प्रश्नों की पहचान करने, पाठ्यक्रम का सही उपयोग करने तथा नियमित अभ्यास और पुनरावृत्ति की रणनीतियों के बारे में बताया गया।

प्रशिक्षुओं को विद्यार्थियों की शैक्षणिक कमजोरियों की पहचान कर उन्हें जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षुओं ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उनकी शंकाओं और समस्याओं का समाधान हुआ है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आवंटित विद्यालयों में अधिक प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य करने के लिए तैयार हैं।

उपायुक्त ने प्रमाण-पत्र देकर बढ़ाया उत्साह

प्रशिक्षण के समापन पर उपायुक्त मनीष कुमार और उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने सभी प्रवेशार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उपायुक्त ने दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षुओं से विद्यार्थियों के हित में पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को विद्यालयों में लागू कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की और उपायुक्त के साथ उत्साहपूर्वक सेल्फी भी ली।

दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद विद्यालय खुलने पर सभी प्रशिक्षु अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में दोबारा योगदान देंगे। वहां विद्यालय प्रभारियों द्वारा निर्धारित कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते हुए वे विद्यार्थियों की पढ़ाई, नियमित अभ्यास और आगामी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग करेंगे।

जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना और पश्चिमी सिंहभूम जिले के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

AnupSrivastav
Author: AnupSrivastav

State Prabhari, Jharkhand Zee Bharat News

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