सागर में दुर्गा पूजा पंडालों के लिए कड़े नियम: CCTV लगाना अनिवार्य, डीजे और भक्ति गीतों की आवाज पर भी सख्त गाइडलाइन!

रिपोर्ट, मनोज प्रजापति।

नवरात्र, दशहरा और महर्षि वाल्मीकि जयंती को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न, कलेक्टर प्रतिभा पाल ने दिए आवश्यक निर्देश

सागर, मध्य प्रदेश। आगामी नवरात्र, दशहरा एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती के त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्योहारों के दौरान सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, बिजली व्यवस्था और प्रतिमा विसर्जन सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश

कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने निर्देश दिए कि सभी पूजा पंडालों एवं आयोजन स्थलों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही, प्रत्येक पंडाल पर फ्लेक्स लगाकर आयोजक का नाम और मोबाइल नंबर प्रदर्शित किया जाए। देवी प्रतिमाओं की स्थापना के लिए मिट्टी से बनी प्रतिमाओं को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देवी पंडाल सड़कों पर इस तरह न बनाए जाएं, जिससे यातायात और आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो। गरबा, आर्केस्ट्रा और अन्य आयोजनों के लिए नियमानुसार अनुमति लेना आवश्यक होगा। भक्ति गीत भी निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही बजाए जाएं।

विसर्जन और चल समारोह में सुरक्षा पर जोर

कलेक्टर ने प्रतिमा विसर्जन एवं चल समारोह के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। विसर्जन स्थलों और अस्थायी कुंडों पर पर्याप्त स्वयंसेवक तैनात करने तथा छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

उन्होंने विद्युत विभाग को चल समारोह से पहले सड़कों पर झूल रहे बिजली के तारों को व्यवस्थित करने और नगर पालिका को प्रमुख मार्गों पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शहर में किसी भी स्थान पर अंधेरा न रहे, इसके लिए स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा, थाना एवं अनुभाग स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर पूजा समितियों और आयोजकों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

त्योहारों में शांति और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: एसपी

पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग सुजानिया ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

उन्होंने प्रतिमा विसर्जन के दौरान अस्थायी कुंडों पर प्रशिक्षित तैराकों और लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने चल समारोह के दौरान आयोजनकर्ताओं के पहचान पत्र तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव दिए। अधिकारियों ने त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट, जनप्रतिनिधि, पूजा समितियों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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