बाराबंकी में DM का कड़ा रुख: जलभराव वाले गांवों में युद्धस्तर पर साफ होंगे नाले, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी!

रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।

बाराबंकी। ग्राम विकास, पंचायती राज, गौ आश्रय स्थलों और स्वच्छता योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की जल निकासी, आगामी सामान्य निर्वाचन, गौ आश्रय स्थलों, निर्माण कार्यों और महिला स्वयं सहायता समूहों समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।

जलभराव वाले गांवों में नालों की सफाई प्राथमिकता पर

ग्रामों में जलभराव की समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले स्थलों और ग्रामों को चिन्हित कर बीबीजी रामजी योजना अथवा पंचायत निधि से नालों की साफ-सफाई प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए।

डीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारी स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्य समय से पूरा कराएं, ताकि बारिश के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।

प्रस्तावित मतदान केंद्रों पर एएमएफ की व्यवस्थाएं पूरी कराने के निर्देश

आगामी सामान्य निर्वाचन-2027 को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित मतदान केंद्रों पर एएमएफ यानी आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं की सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कराने को कहा।

डीएम ने निर्देशित किया कि मतदान केंद्रों पर जिन सुविधाओं या कार्यों की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, ताकि चुनाव के दौरान मतदाताओं और मतदान कार्मिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

गौ आश्रय स्थलों में चारा-पानी और सफाई व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

गौ आश्रय स्थलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने हरे चारे का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डिप्टी सीवीओ को अपने-अपने क्षेत्र के खंड विकास अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर गौ आश्रय स्थलों में चारा, पानी, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौ आश्रय स्थलों में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

अन्नपूर्णा भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में गुणवत्ता पर जोर

निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्माणाधीन अन्नपूर्णा भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों के शेष कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारी नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी करें।

ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के निर्देश

महिला स्वयं सहायता समूहों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाओं को समूहों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने समूहों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ अधिक से अधिक सदस्यों के बैंक खाते खुलवाने के निर्देश दिए।

शेष महिला स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित कर जल्द खुलवाने और समूहों को सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान

बैठक में पंचायती राज एवं स्वच्छता कार्यों की भी समीक्षा हुई। डीएम ने ग्रामों में साफ-सफाई, नालियों की सफाई, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति का नियमित अनुश्रवण करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पंकज वर्मा, जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए राकेश कुमार सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

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