पश्चिमी सिंहभूम:प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं अबुआ आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों की जमीनी स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन की टीम ने चक्रधरपुर प्रखंड के केरा पंचायत अंतर्गत चंद्रजारकी गांव का क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान जिला समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने गांव में निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर लाभुकों से निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी ली।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं अबुआ आवास योजना के तहत कुल 36 आवासों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सामने आया कि अधिकांश आवासों का निर्माण लिंटन स्तर तक पहुंचने के बाद लंबे समय से आगे नहीं बढ़ा है। कुछ लाभुकों द्वारा दोबारा निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
अधिकारियों ने ऐसे सभी लाभुकों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा। विशेष रूप से वैसे लाभुक, जिन्हें आवास निर्माण की द्वितीय किस्त की राशि का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया गया है, उन्हें तत्काल काम शुरू करने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान वित्तीय वर्ष 2021-22 में स्वीकृत आवासों की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित लाभुकों से लंबित निर्माण कार्य की स्थिति पूछते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवास पूरा करने को कहा। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि स्वीकृत आवासों को निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप समय पर पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं, जिन लाभुकों ने आवास का निर्माण कार्य बेहतर तरीके से पूरा कर लिया है, उन्हें आगामी माह गृह प्रवेश की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ बैठक कर अधूरे आवासों को शीघ्र पूरा कराने और योजना के लाभुकों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि आवास निर्माण में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करें और पात्र लाभुकों को निर्माण कार्य पूरा कराने में आवश्यक सहयोग दें। प्रशासन का उद्देश्य योजनाओं के तहत स्वीकृत आवासों को समय पर पूर्ण कराना और लाभुकों को योजना का पूरा लाभ उपलब्ध कराना है।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रखंड समन्वयक अमित कुमार समेत संबंधित कर्मी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।















