डेयरी किसानों को आत्मनिर्भर बनने का मंत्र, उत्कृष्ट कृषकों को मिला प्रशस्ति पत्र

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में सोमवार को उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के तत्वावधान में जिला गव्य विकास कार्यालय द्वारा प्रशिक्षित डेयरी कृषकों के लिए गव्य गोष्ठी-सह-प्रशस्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए डेयरी किसानों ने भाग लिया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीणों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि दूध एक संपूर्ण एवं पौष्टिक आहार है, जिससे घी, पनीर, मक्खन, खोवा, चीज और अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर किसान अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने गौ-सेवा को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इसे समाज सेवा का भी सशक्त माध्यम बताया।

 

उपायुक्त ने किसानों से नियमित रूप से विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक डेयरी प्रबंधन और उन्नत पशुपालन तकनीकों को अपनाकर उत्पादन क्षमता और आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार की गाय पालन, पशुपालन, बत्तख एवं मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।

 

उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें। साथ ही वर्षा ऋतु में सर्पदंश, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए साफ-सफाई और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।

 

कार्यक्रम के दौरान डेयरी किसानों ने प्रशिक्षण और विभागीय योजनाओं से मिले लाभों के अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर गव्य विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम में अपर उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी चक्रधरपुर, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

AnupSrivastav
Author: AnupSrivastav

State Prabhari, Jharkhand Zee Bharat News

Leave a Comment