बाराबंकी में धान की सीधी बिजाई (DSR) को बढ़ावा देने हेतु कार्यशाला आयोजित

रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।

बाराबंकी। वर्ल्ड बैंक के अंग WRG द्वारा संचालित “यूपी एक्सीलेरिटर प्रगति कार्यक्रम” के अंतर्गत धान की सीधी बिजाई (DSR) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन “लैब टू लैंड” की तर्ज पर विकासखंड सूरतगंज के ग्राम दौलतपुर स्थित प्रगतिशील किसान अमरेंद्र प्रताप सिंह के फार्म पर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं कम लागत वाली धान उत्पादन तकनीक से जोड़ना तथा जल संरक्षण एवं श्रम लागत में कमी के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में WRG से श्रीमती अंजली मैम, जिला कृषि अधिकारी श्री राजित राम वर्मा, सवाना सीड्स के श्री सुमित, श्री आलोक जैन एवं श्री दीपक सिंह सहित क्षेत्र के अनेक कृषक उत्पादक संगठन (FPO) प्रतिनिधियों और प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की। इस अवसर पर तुरकौली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड एवं बाराबंकी सूरतगंज फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के डायरेक्टरों के साथ क्षेत्र के प्रगतिशील किसान नरेंद्र शुक्ला, शिवम सिंह, अजीत कुमार शुक्ला सहित बड़ी संख्या में DSR के प्रति जागरूक किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान प्रकुल एग्री फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में इस वर्ष न्यूनतम 600 एकड़ क्षेत्रफल में DSR तकनीक के माध्यम से धान की खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विस्तृत रणनीति तैयार कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि यह पहल किसानों एवं FPO के संयुक्त प्रयास से बिना किसी सरकारी अथवा गैर-सरकारी आर्थिक सहायता के संचालित की जाएगी। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ-साथ FPO द्वारा रूटवार DSR मशीनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान इस तकनीक को अपनाकर लाभान्वित हो सकें।

विशेषज्ञों ने कार्यशाला में DSR तकनीक के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे पानी की बचत, श्रम लागत में कमी तथा समय पर बुवाई संभव होती है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने भी DSR तकनीक को अपनाने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।

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