रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान जी भारत न्यूज़।
बाराबंकी (उत्तर प्रदेश) | 13 मई 2026
बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब यूपी पुलिस की एक होनहार खिलाड़ी और मुख्य आरक्षी (Head Constable) शिल्पी यादव का शव उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला। शिल्पी यादव न केवल एक समर्पित पुलिसकर्मी थीं, बल्कि तलवारबाजी (फेंसिंग) में राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश पुलिस का प्रतिनिधित्व कर कई पदक भी जीत चुकी थीं।
अभ्यास पर न पहुंचने पर खुला मामला
जानकारी के अनुसार, कानपुर कमिश्नरेट में तैनात शिल्पी यादव पिछले कुछ समय से अभ्यास के सिलसिले में 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी में रह रही थीं। मंगलवार शाम जब वह नियमित अभ्यास के लिए मैदान में नहीं पहुंचीं, तो उनके साथी खिलाड़ी उन्हें बुलाने आवास पर गए। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका होने पर जब दरवाजा तोड़ा गया, तो शिल्पी का शव पंखे से लटका मिला।
सुसाइड नोट: “मेरी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं”
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। भावुक कर देने वाले इस नोट में शिल्पी ने लिखा है कि वह पिछले कुछ समय से ‘मानसिक तनाव’ से गुजर रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी इस आत्मघाती कदम के लिए न तो उनका परिवार जिम्मेदार है और न ही उनके सहकर्मी। उन्होंने अपनी मौत की पूरी जिम्मेदारी स्वयं पर ली है।
निजी जीवन और करियर
मूल रूप से इटावा जिले के बसरेहर थाना क्षेत्र के ‘पत्ता का पुरवा’ गांव की रहने वाली शिल्पी वर्ष 2016 में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थीं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में उनकी शादी हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते करीब तीन साल पहले उनका तलाक हो गया था। शिल्पी अपने परिवार के लिए प्रेरणा स्रोत थीं; उन्होंने अपने छोटे भाई ऋषि यादव को भी पुलिस में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया, जिनकी हाल ही में अमेठी में पासिंग आउट परेड हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (SP) अर्पित विजयवर्गीय और अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी ने फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया।
**पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया:** > *”महिला मुख्य आरक्षी का शव आवास में मिला है। शुरुआती जांच और सुसाइड नोट से मामला मानसिक तनाव का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।”*
शिल्पी यादव की असामयिक मृत्यु से पुलिस विभाग और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के सदस्य इस बात से गहरे सदमे में हैं कि इतनी साहसी और मेडल जीतने वाली बेटी आखिर किस मानसिक पीड़ा से हार गई।









