बाराबंकी में उर्वरक बिक्री को लेकर सख्त निर्देश, गड़बड़ी पर होगी कड़ी कार्रवाई

बाराबंकी | 29 अप्रैल 2026

जनपद बाराबंकी में किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर बुधवार को थोक उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उर्वरक वितरण से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी अनुदानित उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उत्पाद (जैसे जिंक, सल्फर आदि) की अनिवार्य टैगिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है। थोक विक्रेताओं को चेतावनी दी गई कि वे न तो ऐसी सामग्री कंपनियों से प्राप्त करें और न ही फुटकर विक्रेताओं को इस प्रकार की आपूर्ति करें।

फुटकर विक्रेताओं के लिए भी दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा गया कि उर्वरकों की बिक्री निर्धारित मूल्य पर ही की जाए, जिसमें डीलर मार्जिन और परिवहन लागत शामिल हो। साथ ही, हर बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से ही की जाए और किसानों का पूरा विवरण—नाम, पता, मोबाइल नंबर और कृषित भूमि—बिक्री रजिस्टर में दर्ज किया जाए।

जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जिन विक्रेताओं की पीओएस मशीन खराब है या जिनके पास पहले से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, उन्हें नया उर्वरक नहीं दिया जाएगा। साथ ही, किसी भी प्रकार की फर्जी बिक्री या अनाधिकृत स्रोत से उर्वरक खरीदने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों के उल्लंघन या शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी भूमि और फसल के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और केवल पीओएस मशीन से निर्धारित मूल्य पर ही लें। यदि कोई विक्रेता टैगिंग करता है या अधिक कीमत वसूलता है, तो इसकी शिकायत कंट्रोल रूम नंबर 9116295764 या मोबाइल नंबर 9084807227 पर तुरंत दर्ज कराई जा सकती है।

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