जालौन नगर की जनता को एसडीएम रिंकू सिंह राही की दहशत से मिला छुटकारा

सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा के प्रयास से जिलाधिकारी ने एसडीएम रिंकू सिंह राही के कसे पेंच

चेयरमैन प्रतिनिधि पुनीत मित्तल द्वारा बुने गए चक्रव्यूह से जनता को मिली राहत

जालौन। पिछले एक सप्ताह से एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही की कथित जन-विरोधी कार्यशैली से नगर की जनता परेशान थी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर ऐसे निर्णय लिए गए, जिनसे आम लोगों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

जनहित में अवैध अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर कई ऐसे कदम उठाए गए जिनसे जनसुविधाओं की अनदेखी हुई। व्यापारियों का कहना है कि दुकानों के आगे बनी नालियों पर उनकी सुविधा के अनुसार लगाए गए छज्जे नालियों की सफाई में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करते थे, फिर भी उन्हें तुड़वा दिया गया।

व्यापारियों के अनुसार छज्जे हटने से न केवल दुकानों का संचालन प्रभावित हुआ है, बल्कि दुकानों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। उनका कहना है कि अब शटर के नीचे इतनी जगह हो गई है कि चोर आसानी से शटर तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दे सकते हैं।

इसी प्रकार चुखी रोड, डॉ. अंबेडकर स्कूल रोड, चिमन दुबे बगरा रोड सहित कई स्थानों पर नालों के पीछे बने मकानों के सामने लोगों ने अपने घरों में आने-जाने की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं कर रखी थीं। लोगों का आरोप है कि सभी को नाले खोलने के निर्देश दिए गए, जबकि इससे उनके घरों तक पहुंचना मुश्किल हो गया।

नगरवासियों का कहना है कि कई ऐसी नालियां भी खुलवा दी गईं जिनमें बरसात के समय भी पानी नहीं आता। परिणामस्वरूप बच्चे, महिलाएं, ग्राहक और दुकानदार खुली नालियों के कारण चोटिल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि उनका विरोध अतिक्रमण हटाने से नहीं है, बल्कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गए कार्यों से है।

नगरवासियों का सुझाव है कि नगर पालिका प्रशासन नालों और नालियों के ऊपर लोहे की जालियां लगवाए, जिससे आवागमन सुगम हो सके और दुर्घटनाओं से भी बचाव हो। उनका कहना है कि मोहल्लों में भी नालियों के ऊपर बने सभी निर्माणों को एक समान अतिक्रमण मानकर हटाने की घोषणा से लोगों में दहशत का माहौल है।

लोगों का कहना है कि यदि घरों के सामने वाहन ले जाने के लिए आवश्यक साधन भी हटा दिए जाएंगे तो बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का आवागमन प्रभावित होगा। नगरवासियों ने मांग की है कि नगर पालिका और प्रशासन के अधिकारी प्रत्येक मोहल्ले का निरीक्षण कर वास्तविक अवैध अतिक्रमण को चिन्हित करें और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करें।

इसी प्रकार की समस्याओं से जूझ रही जालौन नगर की जनता जुर्माने और चालान के भय से अपने हाथों से ही पक्के निर्माण तोड़ने को मजबूर हो गई। लोगों का कहना है कि इस तोड़फोड़ से भविष्य में अनेक समस्याएं उत्पन्न होंगी।

इस गंभीर मुद्दे को लेकर व्यापार मंडल अध्यक्ष श्याम जी गुप्ता ने सदर विधायक से हस्तक्षेप कर जनता को राहत दिलाने की मांग की थी। वहीं नगर की जनता लगातार एसडीएम जालौन की कार्यशैली को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रही थी।

ब्यूरो रिपोर्ट शोभित पाण्डेय जी भारत न्यूज़ जालौन।

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