बाराबंकी में स्कूलों में चला पॉक्सो जागरूकता अभियान, बच्चों को बताए सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के अंतर

रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।

विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और कानूनी संरक्षण की दी जानकारी

बाराबंकी, 1 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव के निर्देशन में गांधी जयंती के अवसर पर पॉक्सो एक्ट, 2012 के प्रावधानों एवं कानूनी परिणामों को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

अभियान के तहत लखनऊ पब्लिक स्कूल, असेनी मोड़, बाराबंकी, श्री साईं इंटर कॉलेज, लखपेड़ाबाग और राम सेवक यादव इंटर कॉलेज, लखपेड़ाबाग में प्रार्थना सभा के दौरान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बच्चों के लैंगिक अपराधों से संरक्षण के लिए बनाए गए पॉक्सो कानून की जानकारी दी।

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कानून का संरक्षण

लखनऊ पब्लिक स्कूल में अपर जनपद न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश अंजनी कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय और न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय सिरौलीगौसपुर कमलकांत तिवारी ने बच्चों को पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी दी।

बताया गया कि पॉक्सो अधिनियम का उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण प्रदान करना है। विद्यार्थियों को कानून के तहत लैंगिक अपराधों की विभिन्न श्रेणियों और उनके लिए निर्धारित दंड के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया।

बच्चों को समझाया गया अच्छा और बुरा स्पर्श

श्री साईं इंटर कॉलेज में प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय लवली जायसवाल और सिविल जज (जूनियर डिवीजन), हैदरगढ़ वीरेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में समझाया।

बच्चों को बताया गया कि ऐसा स्पर्श जिससे उन्हें सुरक्षा, अपनापन और सम्मान महसूस हो तथा असहजता न हो, सामान्यतः सुरक्षित स्पर्श माना जा सकता है। वहीं, ऐसा स्पर्श जिससे डर, शर्म, असहजता या असुरक्षा महसूस हो अथवा कोई व्यक्ति निजी अंगों को अनुचित तरीके से छूने का प्रयास करे, वह अनुचित स्पर्श हो सकता है।

गलत व्यवहार पर चुप न रहने की दी सलाह

राम सेवक यादव इंटर कॉलेज में अपर जनपद न्यायाधीश परशुराम, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शाम्भवी यादव और सिविल जज (जूनियर डिवीजन), रामसनेहीघाट नीलम कटियार ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून की जानकारी दी।

बच्चों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज या डर महसूस कराने वाले तरीके से छूता है, अनुचित तरीके से छूने का प्रयास करता है, अश्लील बातें या संदेश भेजता है, अश्लील सामग्री दिखाता है अथवा किसी अनुचित कार्य के लिए मजबूर करता है, तो ऐसी स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए और भरोसेमंद व्यक्ति तथा संबंधित सहायता तंत्र को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

कार्यक्रमों में विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रबंधक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।

वृद्धजनों का कराया गया स्वास्थ्य परीक्षण

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर मातृ-पितृ सदन, सफेदाबाद, बाराबंकी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।

 

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