बाराबंकी में बारिश का कहर: भरभराकर गिरा फूस का आशियाना, मासूम बच्चों को गोद में लेकर भागी बेबस मां

क्राइम रिपोर्टर — सर्वेश कुमार चौहान, बाराबंकी

सूरतगंज के जैतपुर में फूस का छप्पर गिरने से परिवार पर टूटा संकट, आवास और आर्थिक मदद की गुहार

बाराबंकी। सूरतगंज क्षेत्र के ग्राम जैतपुर में भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते एक गरीब परिवार का फूस का छप्पर भरभराकर गिर गया। हादसे के दौरान महिला ने किसी तरह अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ बाहर निकलकर जान बचाई। आशियाना उजड़ने के बाद परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है और महिला बच्चों को लेकर दूसरे के घर में रहने को मजबूर है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना समेत कई योजनाएं संचालित हैं। लेकिन जैतपुर में सामने आए इस मामले ने योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

बारिश में पहले भी ढह चुका था छप्पर

पीड़ित महिला अनारकली पत्नी सोहन लाल के अनुसार, पिछले वर्ष बरसात के दौरान भी उनके घर का फूस का छप्पर पूरी तरह धराशायी हो गया था। उस समय घर में रखा गृहस्थी का सामान भी मलबे में दब गया था। परिवार का कहना है कि घटना की जानकारी ग्राम प्रधान को भी दी गई थी, लेकिन इसके बाद उन्हें कोई ठोस सहायता नहीं मिल सकी।

इस वर्ष एक बार फिर तेज बारिश और हवा के कारण परिवार का छप्पर गिर गया। महिला के मुताबिक, घटना के समय वह अपने बच्चों के साथ घर में मौजूद थी। किसी तरह बाहर निकलकर उसने अपनी और बच्चों की जान बचाई।

आशियाना गिरने के बाद दूसरे के घर में शरण

घर का छप्पर गिरने के बाद परिवार के पास रहने के लिए सुरक्षित जगह नहीं बची है। महिला अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ फिलहाल दूसरे के घर में रहने को मजबूर है। परिवार ने प्रशासन से पक्का आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद

परिवार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और उनके पास रहने के लिए सुरक्षित पक्का मकान नहीं है। ऐसे में परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलने की उम्मीद है।

वहीं, मामले की जानकारी मिलने पर सूरतगंज ब्लॉक प्रमुख श्री शेखर हयारण ने परिवार को सहायता का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि मामले की जांच कराकर पात्रता के आधार पर आर्थिक सहायता दिलाने और मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना होगा कि जांच के बाद पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और रहने के लिए पक्का आवास कब तक उपलब्ध हो पाता है।

 

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