रिपोर्ट,सुरेश चंद्रा।
मऊ। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भा.कृ.अनु.प.) के राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मऊ में 17 सितंबर 2026 को ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” विषय के साथ संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत संस्थान में स्वच्छता एवं स्वच्छ व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और स्वच्छ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर संस्थान में स्वच्छता शपथ का भी आयोजन किया गया। संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शपथ में सहभागिता करते हुए स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को किया जागरूक
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के अंतर्गत संस्थान की एक टीम ने पिजरा एवं अलीपुर गांवों का दौरा किया। टीम ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें स्वच्छता, स्वच्छ व्यवहार और सामुदायिक सहभागिता के महत्व के बारे में जागरूक किया।
इस दौरान ग्रामीणों को सफाई से संबंधित सामग्री भी वितरित की गई तथा अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के लिए निरंतर प्रयास करने हेतु प्रेरित किया गया। संस्थान की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता को मजबूत करना है।
संस्थान की ओर से बताया गया कि ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के माध्यम से स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे जन-भागीदारी के माध्यम से निरंतर व्यवहार का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले गांवों एवं समुदायों को प्रोत्साहित कर अन्य लोगों को भी स्वच्छता की बेहतर प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
















