रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुआ विचार-विमर्श, बाराबंकी में 54 स्नातक और 18 शिक्षक मतदेय स्थल प्रस्तावित
बाराबंकी, 21 सितंबर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के आगामी निर्वाचन को लेकर मतदेय स्थलों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के संबंध में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने की।
बैठक में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रस्तावित मतदेय स्थलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
2026 में निर्वाचन की तैयारी
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में प्रदेश के 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचन संभावित है। लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली और प्रतापगढ़ जिले शामिल हैं।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आयुक्त, लखनऊ मंडल को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
बाराबंकी में 54 स्नातक और 18 शिक्षक मतदेय स्थल प्रस्तावित
बैठक में प्रस्तुत विवरण के अनुसार वर्ष 2026 के लिए बाराबंकी जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के कुल 54 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें 36 मूल और 18 सहायक मतदेय स्थल शामिल हैं।
तहसीलवार प्रस्तावित मतदेय स्थलों में फतेहपुर में 8, रामनगर में 6, नवाबगंज में 22, रामसनेहीघाट में 7, हैदरगढ़ में 9 और सिरौलीगौसपुर में 2 मतदेय स्थल शामिल हैं।
वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 18 मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 37,111 मतदाता
बैठक में उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार वर्तमान में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 37,111 मतदाता हैं। इनमें 23,476 पुरुष और 13,635 महिला मतदाता शामिल हैं।
इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,386 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें 1,723 पुरुष और 663 महिला मतदाता शामिल हैं।
मतदेय स्थल निर्धारण के मानकों पर चर्चा
बैठक में मतदेय स्थलों के निर्धारण से जुड़े मानकों की भी जानकारी दी गई। आयोग के निर्देशों के अनुसार सामान्यतः कम से कम 30 मतदाताओं तथा 16 किलोमीटर की दूरी के मानक को ध्यान में रखा जाना है। सामान्यतः एक मतदेय स्थल पर 800 से 1,200 मतदाताओं को रखा जा सकता है।
जनपद के विभिन्न विकासखंडों में मतदेय स्थल प्रस्तावित किए गए हैं। जहां विकासखंड भवन उपयुक्त नहीं हैं, वहां नगर निकाय अथवा इंटर कॉलेज भवनों में मतदेय स्थल प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
समयसीमा में प्रस्ताव अंतिम रूप देने के निर्देश
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदेय स्थलों के प्रस्तावों को निर्धारित समयसीमा में अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्वाचन से संबंधित सभी कार्यों में आवश्यक सावधानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में एडीएम न्यायिक राज कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचक के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
















