रिपोर्ट — सुरेशचंद्रा एडवोकेट ब्यूरो चीफ, जी भारत न्यूज़, मऊ।
जनपद वासियों से जिलाधिकारी ने की अपील, अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही तेज धूप एवं गर्मी में घर से निकल बाहर।
जनपद में बढ़ती गर्मी एवं हीट वेव/लू की संभावित स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्री आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार बैठक संपन्न हुई। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों से हीट वेव से बचाए हेतु अब तक की गई तैयारियो की विस्तृत जानकारी ली। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वित रूप से कार्य करते हुए आमजन को राहत प्रदान करने तथा हीट वेव से बचाव हेतु प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल सहित समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयां, जीवनरक्षक उपकरण एवं पर्याप्त मात्रा में ORS/आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखे जाएं। कूलर्स की क्रियाशीलता की भी नियमित जांच कर उसे क्रियाशील रखने के भी निर्देश उन्होंने दिए। जिलाधिकारी ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के साथ संवेदनशील एवं बेहतर व्यवहार करने के भी निर्देश दिए।
परिवहन विभाग को बस स्टेशनों पर यात्रियों के लिए ठंडे पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं पशुपालन विभाग को गौशालाओं में स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था करने, पशुओं को हरा चारा उपलब्ध कराने तथा लू से बचाव हेतु आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को टीम गठित कर गौशालाओं का रैंडम निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से “क्या करें एवं क्या न करें” संबंधी जानकारियों का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार कराने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में श्रम विभाग को श्रमिकों को हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने तथा कार्यस्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग की तैयारी की समीक्षा के दौरान उन्होंने विकास भवन, सीएमओ कार्यालय, बेसिक शिक्षा अधिकारी, कार्यालय सहित समस्त महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयो में रखे गए अग्निशमन यंत्रों की क्रियाशीलता की जांच करने के भी निर्देश दिए, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। नगर विकास विभाग को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में छाया, पेयजल एवं कूलर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, जिससे आमजन को गर्मी से राहत मिल सके। साथ ही नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को बैनर, पंपलेट एवं अन्य माध्यमों से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों में पशुओं के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मनरेगा कार्यस्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए छाया एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने,हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने तथा पिछले 15 दिनों में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। आपूर्ति विभाग को पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों एवं फुटकर राशन की दुकानों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलों को आपदा सहायता राशि से संबंधित प्रकरणों का समयबद्ध सत्यापन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सभी उपजिलाधिकारियों को विभागों को आवंटित कार्यों की सतत मॉनिटरिंग एवं स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया। उन्होंने शासनादेशानुसार समस्त निजी विद्यालयों को बंद रखने, हीट वेव के दौरान होने वाली मृत्यु के प्रकरणों की जांच कराने तथा जनसुनवाई एवं थाना दिवस स्थलों पर वाटर कूलर, छाया एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अत्यधिक आवश्यकता होने पर ही तेज धूप एवं गर्मी में घर से बाहर निकलें। बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त तहसीलदार सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।










