खरीफ गोष्ठी एवं किसान मेले में किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीकों और विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी
जालौन: नवीन तहसील भवन परिसर, उरई में आयोजित जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी एवं किसान मेला-2026 तथा प्राकृतिक खेती कार्यशाला में प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)/जनपद के प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार ने वर्चुअल माध्यम से किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने किसानों से कृषि विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा प्राकृतिक खेती को अपनाकर भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
सदस्य गो सेवा आयोग उत्तर प्रदेश राजेश सिंह सेंगर, विधायक माधौगढ़ मूलचन्द्र निरंजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित सहित बड़ी संख्या में किसान ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, भूमि संरक्षण, कृषि विज्ञान केंद्र एवं अन्य विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन कर किसानों को उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
सदस्य गो सेवा आयोग राजेश सिंह सेंगर ने अपने संबोधन में किसानों से गोपालन एवं गो-आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से न केवल उत्पादन लागत में कमी आती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मानव स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचता है। उन्होंने किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए प्रेरित किया।
विधायक माधौगढ़ मूलचन्द्र निरंजन ने किसानों से चरणबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बना सकते हैं।
उप कृषि निदेशक ने उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए खरीफ अभियान-2026 की रणनीति, विभागीय योजनाओं तथा फार्मर रजिस्ट्री के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से समयबद्ध पंजीकरण कराने तथा कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों की रोकथाम, उन्नत बीजों के उपयोग, फसल प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन एवं प्राकृतिक खेती की उपयोगिता के संबंध में भी जागरूक किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण अखिलेश तिवारी, जिला कृषि अधिकारी गगनदीप, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, कृषि विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि, सिंचाई, विद्युत, नलकूप एवं लघु सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।










