रिपोर्ट, सुरेंद्र सिंह चौहान।
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ की मंशानुरूप एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
यह शिविर 8 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे कार्यालय मुख्य चिकित्साधिकारी, बाराबंकी में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील
शिविर में मनोचिकित्सक डॉ. सौरभ मिश्रा ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने तनाव से बचने और परिवार के सदस्यों के बीच बातचीत को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि लगातार नींद न आना या देर से नींद आना, चिंता, घबराहट, तनाव, काम में मन न लगना तथा आत्महत्या के विचार जैसे लक्षण मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेने की अपील की।
मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर समाज में मौजूद विभिन्न भ्रमों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।
बच्चों के विकास में देरी पर विशेषज्ञ से लें सलाह
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्ज्वल उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के विकास की गति सामान्य से धीमी दिखाई दे तो परिवार को समय रहते मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए, ताकि आवश्यक उपचार समय पर शुरू किया जा सके।
उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समय-समय पर इस तरह के जागरूकता शिविर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने भी किया जागरूक
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने भी उपस्थित लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार लेने के महत्व पर जानकारी दी।
कार्यक्रम में डॉ. रंजन गौतम, डॉ. सौरभ मौर्य, डॉ. नुपूर प्रिया सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
















