पश्चिमी सिंहभूम जिले के सभी प्रखंडों में मंगलवार को आहार दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलेभर की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) एवं हरा राशन कार्डधारियों के बीच अक्टूबर माह के खाद्यान्न का वितरण किया गया। प्रशासन की ओर से राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के साथ पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
आहार दिवस के दौरान विभिन्न पीडीएस दुकानों पर लाभुकों को ई-पॉस मशीन के माध्यम से सत्यापित करने के बाद राशन उपलब्ध कराया गया। राशन प्राप्त करने से पहले लाभुकों की पहचान एवं पात्रता का सत्यापन किया गया। साथ ही लाभुकों को उनके कार्ड के अनुसार मिलने वाले खाद्यान्न की निर्धारित मात्रा की जानकारी भी दी गई, ताकि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संबंधित पदाधिकारियों एवं आपूर्ति विभाग के कर्मियों ने पीडीएस दुकानों का निरीक्षण कर राशन वितरण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा में समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। किसी भी लाभुक को राशन लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से सरकार की खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक नियमित रूप से पहुंचाना प्राथमिकता है। इसके लिए पीडीएस दुकानों की कार्यप्रणाली पर लगातार निगरानी रखने तथा राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
आहार दिवस के दौरान लाभुकों को यह भी बताया गया कि राशन प्राप्त करते समय वे ई-पॉस मशीन में दर्ज मात्रा एवं वास्तविक रूप से प्राप्त खाद्यान्न की मात्रा की पुष्टि जरूर करें। यदि निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है, अनावश्यक शुल्क की मांग की जाती है या वितरण से संबंधित किसी अन्य प्रकार की समस्या सामने आती है, तो लाभुक इसकी शिकायत संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अथवा जिला आपूर्ति कार्यालय में कर सकते हैं।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ बिना किसी बाधा के प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे।















