चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध शराब के कारोबार, अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेणु की संयुक्त अध्यक्षता में उत्पाद विभाग की समीक्षा बैठक और जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व संग्रहण, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
अवैध शराब के कारोबार पर कसेगा शिकंजा
बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने उत्पाद विभाग को जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी के साथ विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए। सीमावर्ती इलाकों, प्रमुख सड़कों, ढाबों, लाइन होटलों, हाट-बाजारों और वन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतते हुए रात्रि गश्ती और जांच अभियान तेज किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने पुलिस और उत्पाद विभाग को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाने तथा अवैध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
खुदरा शराब दुकानों के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने और दुकानों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही गई।
उत्पाद विभाग ने लक्ष्य से अधिक किया राजस्व संग्रहण
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर माह तक उत्पाद विभाग ने निर्धारित राजस्व लक्ष्य से अधिक संग्रहण किया है। इस अवधि में विभाग ने 7,840.71 लाख रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 7,994.93 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित किया, जो लक्ष्य का 101.96 प्रतिशत है।
इसके अलावा, सितंबर 2026 तक उत्पाद विभाग से संबंधित कुल 176 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 89 मामलों का निष्पादन समझौते के माध्यम से किया गया। प्रशासन ने राजस्व संग्रहण की गति बनाए रखने और विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
अवैध खनन और खनिज परिवहन पर होगी कड़ी निगरानी
जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने संवेदनशील नदी घाटों, प्रमुख परिवहन मार्गों और चिह्नित क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया।
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने खनन विभाग और पुलिस के बीच समन्वय मजबूत करने तथा संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने अवैध खनिज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की जांच करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी, जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
खनिज राजस्व में 34.62 प्रतिशत की वृद्धि
बैठक में खनिज राजस्व संग्रहण की भी समीक्षा की गई। जारी जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अक्टूबर माह तक लगभग 256.98 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण दर्ज किया गया। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 19,088.831 लाख रुपये का संग्रहण हुआ था। प्रशासन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में खनिज राजस्व संग्रहण में लगभग 34.62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, जिले के चिह्नित सात बालू घाटों में से तीन की नीलामी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष चार बालू घाटों की पुनः ई-नीलामी के लिए 28 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा प्रशासन
बैठक के अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित राजस्व लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब, अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने, नियमित निगरानी रखने और की गई कार्रवाई की समीक्षा के साथ समय पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
स्रोत: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा।















