हाटगम्हरिया (पश्चिमी सिंहभूम): प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और अबुआ आवास योजना के तहत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाटगम्हरिया प्रखंड की कुशमिता पंचायत में निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान जिला समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, चाईबासा ने विभिन्न गांवों में कुल 33 आवासों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई लाभुकों द्वारा राशि मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं करने या अधूरा छोड़ने का मामला सामने आया।
134 आवास स्वीकृत, 50 लाभुकों ने अब तक शुरू नहीं किया निर्माण
निरीक्षण में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत कुशमिता पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत कुल 134 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 128 लाभुकों को आवास निर्माण के लिए प्रथम किस्त की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद केवल 78 लाभुकों ने ही आवास निर्माण का कार्य विंडो सिल स्तर तक पहुंचाया है, जबकि शेष 50 लाभुकों ने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है।
वहीं, पंचायत के 74 लाभुकों को दूसरी किस्त की राशि भी दी जा चुकी है। इनमें से मात्र 35 लाभुकों ने अपने आवास का निर्माण पूरा किया है। शेष 39 लाभुकों के आवास निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई। कुछ लाभुकों ने निर्माण कार्य लिंटन स्तर तक पहुंचाने के बाद काम रोक दिया है, जबकि कई लाभुक दूसरी किस्त की राशि मिलने के बावजूद निर्माण कार्य को आगे नहीं बढ़ा रहे हैं।
एक सप्ताह के भीतर निर्माण शुरू करने की अपील
निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक ने संबंधित लाभुकों को एक सप्ताह के भीतर आवास निर्माण कार्य शुरू करने तथा अधूरे आवासों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवास योजना के निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए निर्माण कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान दो पूर्ण आवासों और तीन आवासों के विंडो सिल स्तर तक किए गए निर्माण कार्यों की जियो-टैगिंग भी की गई। इससे आवास निर्माण की प्रगति का रिकॉर्ड दर्ज किया गया।
पंचायत सचिव की भूमिका पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्रवण बेहरा की कार्यशैली को लेकर भी असंतोष सामने आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवास निर्माण कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने में उनकी अपेक्षित सक्रियता नहीं पाई गई। पंचायत सचिवालय में मौजूद रहने के बावजूद क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने आवश्यक सहयोग नहीं किया।
आवास योजनाओं का लाभ समय पर लाभुकों तक पहुंचाने और स्वीकृत आवासों को निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए पंचायत स्तर के संबंधित कर्मियों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया गया।
इस निरीक्षण अभियान के दौरान प्रखंड समन्वयक कालीचरण टुडू भी उपस्थित रहे। प्रशासन का जोर लंबित आवासों का निर्माण शुरू कराने और अधूरे आवासों को जल्द पूरा कराने पर है, ताकि पात्र लाभुकों को योजना का पूरा लाभ मिल सके।















