चाईबासा में स्वच्छता अभियान, पोस्ट ऑफिस चौक से सदर अस्पताल तक चला व्यापक श्रमदान

चाईबासा:स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत विकसित भारत” के संदेश के साथ पोस्ट ऑफिस चौक से सदर अस्पताल तक प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, नगर परिषद के कर्मियों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर श्रमदान किया।

अभियान का नेतृत्व पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने किया। इस दौरान प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी राजकुमार जयराजू, अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) राहुल देव बढ़ाईक, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों की हुई सफाई

स्वच्छता अभियान के दौरान पोस्ट ऑफिस चौक से सदर अस्पताल तक सड़क के दोनों ओर, सड़क किनारे और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई की गई। अभियान में प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नगर परिषद चाईबासा, जल सहिया, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया।

सफाई के दौरान जमा कचरे को निर्धारित तरीके से एकत्र किया गया। वहीं दुकानदारों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें अपने प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित सफाई रखने तथा कचरा सड़क पर नहीं फेंकने के लिए जागरूक किया गया।

दुकानदारों से दुकानों के बाहर डस्टबिन रखने और ग्राहकों को भी कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।

चार प्रकार के कचरे को अलग रखने की दी जानकारी

अभियान के दौरान लोगों को कचरा पृथक्करण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। लोगों को गीला, सूखा, घरेलू खतरनाक और अन्य प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि रसोई और भोजन से निकलने वाले जैविक कचरे को अलग रखने के साथ कागज, प्लास्टिक और धातु जैसी पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को सूखे कचरे के रूप में अलग किया जाना चाहिए। घरेलू खतरनाक कचरे को भी सुरक्षित तरीके से अलग रखने की जरूरत बताई गई।

स्वच्छता को आदत बनाने की अपील

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। लोगों ने अपने घर, कार्यस्थल और आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।

आम नागरिकों से अपील की गई कि स्वच्छता को केवल किसी अभियान या विशेष दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया गया।

साथ ही एकल उपयोग वाली प्लास्टिक सामग्री के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने और कपड़े या पुनः उपयोग किए जा सकने वाले थैलों का इस्तेमाल करने का संदेश दिया गया।

जनभागीदारी को बताया जरूरी

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को लंबे समय तक स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोगों का सहयोग भी आवश्यक है।

उन्होंने जिलेवासियों से अपने घर, दुकान, कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने तथा कचरे का उचित पृथक्करण करने की अपील की।

स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न स्वच्छता, श्रमदान और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। चाईबासा में आयोजित इस अभियान के माध्यम से लोगों को नियमित स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और जनभागीदारी का संदेश दिया गया।

AnupSrivastav
Author: AnupSrivastav

State Prabhari, Jharkhand Zee Bharat News

Leave a Comment