आहार दिवस, नशा मुक्ति अभियान एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया विशेष बल
पश्चिमी सिंहभूम से स्टेट प्रभारी,झारखंड अनूप श्रीवास्तव की रिपोर्ट जी भारत न्यूज़
झारखंड सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में विभागीय योजनाओं एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन से संबंधित एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। उक्त बैठक में उपायुक्त श्री मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री सुनीला खलको, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, एजीएम, डीएसडी एजेंसी के प्रतिनिधि, जनवितरण प्रणाली के दुकानदार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में सर्वप्रथम उपायुक्त के द्वारा सचिव श्री राजेश कुमार शर्मा का समाहरणालय आगमन पर स्वागत किया गया तत्पश्चाप दीप प्रज्वलित कर समीक्षा बैठक प्रारंभ हुआ। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के साथ हुई। सचिव श्री शर्मा ने जिले में खाद्यान्न के उठाव, परिवहन, भंडारण एवं वितरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने हेतु सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसके माध्यम से समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। ऐसे में वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। समीक्षा के दौरान सचिव ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह निर्धारित तिथि से पूर्व अगले माह के खाद्यान्न का उठाव एवं डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की जाए, ताकि लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि राशन वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए तथा वितरण कार्यों में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ग्रीन राशन कार्ड योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। लाभुकों के बीच खाद्यान्न वितरण की स्थिति, लंबित मामलों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा करते हुए सचिव ने पात्र परिवारों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त चना, दाल एवं नमक वितरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लाभुकों तक निर्धारित मात्रा में सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

विभागीय समीक्षा के क्रम में धोती, साड़ी एवं लूंगी वितरण योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई। सचिव ने कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज के जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवनयापन के लिए आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध हो। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निरंतर निगरानी बनाए रखें। बैठक में राशन कार्ड प्रबंधन एवं सत्यापन प्रक्रिया पर विशेष चर्चा हुई। सचिव श्री शर्मा ने संदिग्ध आधार संख्या, साइलेंट राशन कार्ड, ई-केवाईसी से वंचित लाभुकों, डुप्लीकेट राशन कार्ड एवं अन्य विसंगतियों की गहन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिले तथा अपात्र व्यक्तियों को सूची से हटाया जाए, इसके लिए नियमित सत्यापन अभियान चलाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया कि राशन कार्ड डेटाबेस को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करें। समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं से लाभान्वित लाभुकों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितधारकों को सम्मानित भी किया गया।

सचिव एवं उपायुक्त के हाथों 10 ग्रीन राशन कार्डधारियों को सांकेतिक रूप से राशन कार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही 10 वृद्ध एवं जरूरतमंद परिवारों को धोती, साड़ी एवं लूंगी वितरित की गई। इस दौरान क्षजनवितरण प्रणाली के माध्यम से उत्कृष्ट सेवा प्रदान करने वाले 36 पीडीएस दुकानदारों को प्रशस्ति पत्र, कुकर, गमछा, टी-शर्ट एवं छाता प्रदान कर सम्मानित किया गया। दाल-भात केंद्रों के बेहतर संचालन एवं जनसेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संचालकों को भी प्रशस्ति पत्र एवं उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा दो जनवितरण प्रणाली विक्रेता के निधन के उपरांत उनके परिजनों को अनुकंपा के आधार पर राशन वितरण लाइसेंस प्रदान किया गया, जिसकी सचिव ने सराहना करते हुए इसे संवेदनशील एवं जनहितकारी पहल बताया।

बैठक को संबोधित करते हुए सचिव श्री राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा खाद्यान्न वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि जनवितरण प्रणाली के दुकानदार सरकार एवं जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी पीडीएस विक्रेताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर है तथा क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों को विभाग के साथ साझा किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिले में प्रत्येक माह की 8 एवं 24 तारीख को आयोजित किए जाने वाले “आहार दिवस” की अवधारणा, संचालन प्रक्रिया एवं उसके सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आहार दिवस के माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा, लाभुकों की शिकायतों का समाधान, योजनाओं के प्रति जागरूकता तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। सचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक प्रभावी मॉडल बताया।

बैठक के उपरांत सचिव श्री राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों एवं जनवितरण प्रणाली से जुड़े प्रतिनिधियों द्वारा पश्चिमी सिंहभूम को नशा मुक्त जिला बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस अवसर पर झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। सचिव ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में महिलाओं एवं स्वयं सहायता समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और जन-जागरूकता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। आहार दिवस के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से गुब्बारे उड़ाकर प्रचार अभियान का शुभारंभ किया गया तथा प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में जाकर लोगों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं, आहार दिवस तथा नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूक करेगा। बैठक के उपरांत सचिव श्री शर्मा ने सदर चाईबासा प्रखंड परिसर में संचालित दाल-भात केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं संचालन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने एसएफआई गोदाम का निरीक्षण कर खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, रखरखाव एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी मानकों का अनुपालन किया जाए। अपने दौरे के अंतिम चरण में सचिव ने मतकमहातु पंचायत भवन में चल रहे सुदृढ़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रगति एवं निर्धारित समयसीमा की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। संपूर्ण कार्यक्रम के दौरान खाद्य सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभुकों तक समय पर सेवाओं की पहुंच, वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जनसहभागिता को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। जिला प्रशासन ने सचिव के मार्गदर्शन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं लाभुक-केंद्रित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।










